बेअदबी कांड में फिर बढ़ीं सुखबीर बादल की मुश्किलें, एसआईटी ने सोमवार को जांच zमें शामिल होने के लिए भेजा समन
विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2015 के बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामलों में शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को सोमवार को पूछताछ के लिए तलब कि ...और पढ़ें

बेअदबी मामले में एसआईटी का सुखबीर बादल को नोटिस (फाइल फोटो)
HighLights
एसआईटी ने सुखबीर बादल को पूछताछ के लिए बुलाया।
2015 के बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड से जुड़ा मामला।
विजय सांपला ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। 2015 के बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को नोटिस जारी कर सोमवार को पूछताछ के लिए तलब किया है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला के हालिया बयान के बाद एसआईटी ने यह कदम उठाया है। जांच टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी हरजीत सिंह कर रहे हैं।
इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला एसआईटी के समक्ष पेश हो चुके हैं। पूछताछ के बाद उन्होंने कहा था कि वह जांच में पूरा सहयोग देंगे, लेकिन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन दस्तावेजों के आधार पर उनसे सवाल पूछे जा रहे हैं, उनकी प्रमाणित प्रतियां उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
सांपला के अनुसार, उन्हें केवल तत्कालीन राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन की प्रति दिखाई गई, लेकिन उसकी प्रमाणित प्रति नहीं दी गई। उन्होंने एसआईटी से सभी संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की।
सांपला ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले बहबल कलां और बेअदबी मामलों में न्याय दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन अब चुनाव नजदीक आने पर इस मुद्दे को फिर से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की पक्षधर रही है तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
अक्टूबर 2015 में फरीदकोट जिले के बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद पंजाब में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान बहबल कलां में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
खबरें और भी
यह मामला लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी विवाद का विषय बना हुआ है। मामले की जांच कर रही एसआईटी इसी कड़ी में पहले विधायक मंतार बराड़ से भी पूछताछ कर चुकी है।