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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'कभी नशा तस्कर के पैसे से लड़े चुनाव... मुख्यमंत्री के साथ भी कर ली सेटिंग', राजा वड़िंग पर बरसे सुनील जाखड़

    By Kailash Nath Edited By: Rajat Mourya
    Updated: Fri, 25 Aug 2023 07:41 PM (IST)

    पंजाब बीजेपी के प्रधान सुनील जाखड़ ने कांग्रेस प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग पर तीखा हमला बोला है। सुनील जाखड़ ने कहा है कि कभी नशा तस्कर के पैसे से चुनाव ...और पढ़ें

    सुनील जाखड़ ने राजा वड़िंग पर साधा निशाना।
    सुनील जाखड़ ने राजा वड़िंग पर साधा निशाना।

    चंडीगढ़, कैलाश नाथ। Sunil Jakhar On Raja Warring कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को अबोहर में नशे के खिलाफ धरना दिया। नशे के खिलाफ धरना देकर वड़िंग ने सीधे-सीधे भाजपा के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ को चुनौती दी। वहीं, जाखड़ ने भी पलटवार करने में देरी नहीं लगाई।

    उन्होंने कहा, "आज वड़िंग नशे के खिलाफ धरना दे रहे हैं। जबकि 2014 में वड़िंग विधानसभा में रो-रोकर तत्कालीन डिप्टी मुख्यमंत्री सुखबीर बादल से माफी मांग रहे थे। क्योंकि वड़िंग पर नशा तस्कर से पैसे लेकर चुनाव लड़ने का आरोप था।"

    'वह मुख्यमंत्री के पैरों में बैठ गए हैं'

    उन्होंने कहा, "यह आरोप सुनील जाखड़ नहीं लगा रहा है बल्कि यह बातें पंजाब पुलिस की फाइल और पंजाब विधानसभा की कार्यवाही में दर्ज है।" जाखड़ यही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि राजा वड़िंग जिन्होंने हाल फिलहाल में ही दस्तार बांधनी शुरू की है, ने उस दस्तार का मान नहीं रखा। वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के पैरों में बैठ गए हैं।

    'वड़िंग की मुख्यमंत्री के साथ सेटिंग हो गई है'

    सुनील जाखड़ ने आगे कहा कि आईएनडीआईए का क्या बनेगा यह तो नहीं कहा जा सकता है। लेकिन वड़िंग की मुख्यमंत्री के साथ सेटिंग हो गई है। तभी तो धरना न तो संगरूर में लगाया जाता है और न ही चंडीगढ़ में। जाखड़ ने कहा, "हाजी मक्के की तरफ भागता है और कांग्रेसी जाखड़ की तरफ।"

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    कांग्रेस और SAD पर साधा निशाना

    कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा प्रधान ने कहा, "कांग्रेस का आलम तो यह हो गया हैं कि वह दो राज्यों वाली आम आदमी पार्टी के साथ समझौता करने को मजबूर हो गई है और दूसरी तरफ वह पार्टी है जो 25 वर्षों तक राज करने का दावा करती थी, वह तीन सीटों पर सिमट कर रह गई है। आज दोनों पार्टियों को अपने अंदर झांकने की जरूरत है। उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसका निर्वाहन करें। फिर लोगों को फैसला करने दे की कौन बड़ा है और कौन छोटा। कौन लोगों के मुद्दे उठाता है और कौन नहीं।"

    बता दें कि 2012 का विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर जुलाई 2014 में नशा तस्कर से चुनाव में फंड लेने का आरोप लगा था। पंजाब विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा था। विधानसभा में अपनी बात रखते-रखते वड़िंग फूट-फूट कर रोने लगे थे।

    'यह दो छात्रों की लड़ाई है'

    वहीं, पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के बेटे उदयवीर रंधावा पर एक युवक नरवीर सिंह के अपहरण के लगे आरोपों के संबंध में जाखड़ ने कहा, "यह दो छात्रों की लड़ाई है। इसमें राजनीति नहीं करनी चाहिए। उदयवीर के पिता राजनेता हैं, इसलिए इसे ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है।" अहम बात यह है कि पिछले दिनों सुखजिंदर रंधावा और सुनील जाखड़ के बीच ट्वीटर विवाद भी हुआ था। जिस पर जाखड़ ने रंधावा को मर्यादा की लक्ष्मण रेखा पार न करने की सलाह दी थी।