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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने डल्लेवाल की सेहत को लेकर जताई चिंता, पंजाब सरकार को दिए ये निर्देश

    Updated: Thu, 19 Dec 2024 08:14 PM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को तुरंत डल्लेवाल को उचित चिकि ...और पढ़ें

    सुप्रीम कोर्ट ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की नाजुक सेहत पर चिंता जताई है।
    सुप्रीम कोर्ट ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की नाजुक सेहत पर चिंता जताई है।

    HighLights

    1. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का अनशन जारी
    2. सुप्रीम कोर्ट ने डल्लेवाल की सेहत को लेकर जताई चिंता
    3. पंजाब सरकार को दिए डल्लेवाल की सेहत के ख्याल रखने के निर्देश

    जागरण ब्यूरो, चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की खराब सेहत को लेकर चिंता जताते हुए पंजाब सरकार को तत्काल उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा देने का आदेश दिया है।

    कोर्ट ने राज्य सरकार को संवैधानिक जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि डल्लेवाल बड़े नेता है और उनकी सेहत महत्वपूर्ण है। जब पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट की सुनवाई से जुड़े डल्लेवाल को पक्ष रखने की अनुमति देने की बात कही तो पीठ ने कहा कि वह उनसे बात करेंगे लेकिन पहले उनकी सेहत स्थिर हो।

    शुक्रवार को फिर होगी सुनवाई

    अदालत ने कहा कि किसान नेता की सेहत स्थिर होने के बाद ही कोर्ट उनसे बात करेगा। मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी। ये टिप्पणियां गुरुवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और उज्जवल भुइयां की पीठ ने किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण अवरुद्ध शंभू बॉर्डर के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान कहीं।

    गुरुवार को पंजाब के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कोर्ट को बताया कि डल्लेवाल ने अस्पताल जाने से मना कर दिया है इसलिए राज्य सरकार ने वहीं पास में एक कोठी में अस्थाई अस्पताल बना दिया है। वहां सारी चिकित्सा सुविधाएं लगाई गई हैं, इसके अलावा अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा से लैस एक एंबुलेंस भी वहां 24 घंटे मौजूद है और डॉक्टर लगातार निगाह रखे हैं।

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    पंजाब सरकार के जवाब से पीठ नहीं हुई संतुष्ठ

    उन्होंने यह भी कहा कि डल्लेवाल के सभी अंग ठीक काम कर रहे हैं। लेकिन पीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि अस्थाई अस्पताल क्या होता है क्या वहां सीटी स्कैन और अन्य अत्याधुनिक जांच और रक्त चढ़ाने की व्यवस्था है।

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    एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ईसीजी कराने से मना कर दिया है और उन्हें तत्काल पोषण देने की जरूरत है। ऐसे में आप किस रिपोर्ट की बात कर हे है कि उनकी सेहत ठीक है। गुरमिंदर सिंह ने इसके जवाब में कहा कि डल्लेवाल ने ईसीजी कराने से मना कर दिया है लेकिन डॉक्टर लगातार नजर रखे हुए हैं।

    सेहत स्थिर होने के बाद ही डल्लेवाल से बात करेगा कोर्ट

    उन्होंने यह भी कहा कि डल्लेवाल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े हैं कोर्ट से कुछ कहना चाहते हैं। लेकिन कोर्ट ने कहा कि पहले उनकी सेहत स्थिर होनी चाहिए उसके बाद ही कोर्ट बात करेगा। पीठ ने पंजाब सरकार से कहा कि अगर वह अनशन कर रहे हैं तो जारी रखें लेकिन उनकी सेहत को देखते हुए कुछ वैकल्पिक चिकित्सा मदद दी जाए।

    पीठ के दूसरे न्यायाधीश भुइयां ने इस संबंध में उत्तर पूर्वी राज्य में दस साल तक अनशन करने वाली शर्मीला का उदाहरण दिया। कोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा कि डल्लेवाल की सेहत का ख्याल रखना उसका संवैधानिक दायित्व है। उनकी जांचें होनी चाहिए। पंजाब सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया।

    जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। किसान अपनी मांगों के समर्थन में गत फरवरी से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसके चलते तभी से शंभू बॉर्डर बंद है। हाईकोर्ट ने बॉर्डर खोलने का आदेश दिया था। जिसके खिलाफ हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका कर रखी है।

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