'आतिशी के वीडियो में नहीं था गुरु शब्द', पंजाब पुलिस का बड़ा दावा; फोरेंसिक जांच में हुआ सब क्लियर
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दिल्ली विधानसभा स्पीकर को आतिशी के कथित वीडियो मामले में विस्तृत जवाब सौंपा है। फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि आतिशी ने वीडियो में 'गुरु' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, इसे बाद में भावनाओं को भड़काने के लिए जोड़ा गया था।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी सिंह। फाइल फोटो
HighLights
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने 'गुरु' शब्द के जोड़ को प्रमाणित किया।
पंजाब पुलिस ने कानून के अनुसार ही कार्रवाई की।
जांच वीडियो छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ, आतिशी के नहीं।
इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी से जुड़े कथित वीडियो मामले में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दिल्ली विधानसभा के स्पीकर को विस्तृत जवाब सौंप दिया है। इसमें कहा गया है कि फारेंसिक रिपोर्ट से स्पष्ट रूप से स्थापित होता है कि आतिशी ने वीडियो में ‘गुरु’ शब्द का उपयोग नहीं किया था और यह शब्द वीडियो में बाद में जोड़ा गया था ताकि पंजाब में भावनाएं भड़काई जा सकें।
डीजीपी ने अपने पत्र में कहा कि पुलिस ने कानून के अनुसार ही कार्य किया है। यह स्थापित कानूनी सिद्धांत है कि अपराध की जानकारी मिलने पर एफआइआर दर्ज की जानी चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि पुलिस जांच की निगरानी केवल सक्षम मजिस्ट्रेट और न्यायालय करते हैं, किसी भी विधानसभा को विशेषकर किसी अन्य राज्य की जांच पर कोई अधिकार या नियंत्रण नहीं है।
डीजीपी ने कहा कि संबंधित वीडियो क्लिप दिल्ली विधानसभा के बाहर एडिट और सर्कुलेट किए गए थे और इन्हें सोशल मीडिया प्लेटफार्म से लिया गया था। चूंकि ये क्लिप न तो सदन द्वारा प्रसारित किए गए थे और न ही सदन के अधिकार क्षेत्र में थे, इसलिए इस मामले में विधायी विशेषाधिकार लागू नहीं होता।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि आतिशी के खिलाफ सदन के भीतर दिए गए उनके भाषण को लेकर कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है और जांच केवल अज्ञात व्यक्तियों द्वारा वीडियो को क्लिप, क्राप और डिजिटल रूप से मैनुप्लेट करने तक सीमित है। जालंधर पुलिस आयुक्तालय द्वारा उठाए गए सभी कदम कानूनी हैं, रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री पर आधारित हैं और सार्वजनिक शांति व स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए हैं।
यह मामला 7 जनवरी को जालंधर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में प्राप्त एक लिखित शिकायत से सामने आया था। शिकायत में कहा गया था कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ वीडियो क्लिप प्रसारित हो रहे हैं जिनमें ऐसा प्रतीत कराया गया है कि आतिशी ने गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है।
शिकायत में यह भी कहा गया कि आतिशी द्वारा बाद में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किए गए मूल भाषण के वीडियो में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि वीडियो को जानबूझकर एडिट और मैनुप्लेट किया गया ताकि धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा सके और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ा जा सके।
शिकायत के आधार पर जालंधर साइबर पुलिस ने प्रसारित वीडियो क्लिप को राज्य फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी, एसएएस नगर (मोहाली) भेजा गया। फारेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जांच किए गए वीडियो से निकाले गए आडियो में वक्ता द्वारा ‘गुरु’ शब्द नहीं बोला गया। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की।

