यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab News: जेलों में ट्रांसजेंडरों के लिए नहीं है अलग सेल, हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए पंजाब सरकार से मांगा जवाब
पंजाब हाई कोर्ट ने जेलों में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग सेल नहीं होने पर हैरानी जताई है। कोर्ट ने पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब करने को कहा है। इसके साथ ही ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। जेलों में ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए अलग बैरिक व थानों में अलग लॉकअप मौजूद नहीं होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके साथ ही जेलों में इनके लिए अलग टॉयलेट को लेकर भी पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
2019 में हुआ था ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट पास
याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट सनप्रीत सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने 2019 में ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट पास किया था और 2020 में इससे जुड़े नियम अधिसूचित किए थे। 10 जनवरी 2022 को केंद्र सरकार ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों व डीजी जेल को पत्र लिखा था और ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए अलग सुविधाओं की व्यवस्था करने को कहा था।
ट्रांसजेंडरों को जेलों में पुरूष कैदियों के साथ नहीं रखा जा सकता- हाई कोर्ट
याची ने कहा कि में जेलों ट्रांसजेंडर कैदियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग बैरिक होने चाहिए। इसके साथ ही थाने व चौकियों में ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए अलग लॉकअप की सुविधा होनी चाहिए। ट्रांसजेंडरों को जेलों में पुरूष कैदियों के साथ नहीं रखा जा सकता। याचिका में एक ट्रांसजेंडर कैदी की कहानी का जिक्र किया गया जिसके साथ जेल में 12 कैदियों ने दुष्कर्म किया था।
अलग लॉक अप की व्यवस्था नहीं
याची ने बताया कि उसने पंजाब सरकार से आरटीआई के माध्यम से ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए की गई व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में बताया गया कि पंजाब की किसी भी जेल में उनके लिए कोई अलग बैरिक मौजूद नहीं है।
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इसके साथ ही किसी भी थाने या चौकी में उनके लिए अलग लॉक अप की व्यवस्था नहीं है। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए अब ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए अलग से टॉयलेट की व्यवस्था को लेकर पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।