जग्गू भगवानपुरिया गैंग पर अमेरिकी जांच एजेंसी FBI का बड़ा एक्शन, नितिश कौशल 'मोस्ट वांटेड' घोषित
अमेरिका ने जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के कथित करीबी नितिश कौशल को अपनी सबसे वांछित सूची में शामिल किया है। ...और पढ़ें

जग्गू भगवानपुरिया गैंग पर अमेरिकी जांच एजेंसी FBI का बड़ा एक्शन (फाइल फोटो)
HighLights
नितिश कौशल अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी की वांछित सूची में।
जग्गू भगवानपुरिया गिरोह पर अमेरिका का शिकंजा कस रहा।
पंजाब से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराधी नेटवर्क पर कार्रवाई तेज।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोहों के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। अब अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी ने जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के कथित करीबी नितिश कौशल को अपनी सबसे वांछित सूची में शामिल किया है।
एजेंसी का आरोप है कि कौशल ऐसे संगठित अपराधी गिरोह का हिस्सा है, जो भारत से लेकर अमेरिका तक हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी, रंगदारी तथा धन शोधन जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। इस कार्रवाई के बाद पंजाब से जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं।
अमेरिकी जांच एजेंसी के अनुसार, 25 जून को कैलिफोर्निया की अदालत ने नितिश कौशल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद उसके विरुद्ध संगठित अपराध से जुड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया।
एजेंसी ने क्या कहा?
एजेंसी का कहना है कि कौशल हिंसक आपराधिक घटनाओं की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। इसी आधार पर उसे सबसे वांछित सूची में शामिल किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब से जुड़े किसी गैंगस्टर नेटवर्क पर अमेरिका की जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की हो। इससे पहले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर भी अमेरिकी एजेंसियों ने कई खुलासे किए थे।
जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों में यह दावा किया गया था कि विदेशों में बैठे अपराधियों के जरिए रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी और हथियारों की आपूर्ति का पूरा तंत्र संचालित किया जा रहा था।
इसी मामले की जांच के दौरान पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी सामने आया था। अमेरिकी अदालत में दायर आरोप पत्र में उन पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को कथित रूप से गोपनीय सूचनाएं उपलब्ध कराने और आपराधिक नेटवर्क की मदद करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर चल रही है तथा अंतिम निर्णय न्यायालय के अधीन है।
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सुरक्षा एजेंसियों का क्या मानना है?
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पंजाब के कई गैंगस्टर गिरोह अब केवल राज्य या देश तक सीमित नहीं हैं। कनाडा, अमेरिका और यूरोप में बैठे उनके सहयोगियों के माध्यम से रंगदारी, हवाला, मादक पदार्थों की तस्करी और हथियारों की आपूर्ति का नेटवर्क चलाया जा रहा है। इसी वजह से विभिन्न देशों की जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से ऐसे गिरोहों की आर्थिक गतिविधियों और आपराधिक तंत्र की जांच कर रही हैं।
जग्गू भगवानपुरिया और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह लंबे समय से पंजाब के संगठित अपराध जगत के बड़े नाम रहे हैं। दोनों गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई, विदेशों से संचालन और सीमापार संपर्कों को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी, पंजाब पुलिस तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियां लगातार कार्रवाई करती रही हैं।
कई आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं और उनकी संपत्तियों पर भी कार्रवाई हुई है, लेकिन विदेशों में बैठे संचालकों के कारण इन गिरोहों का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है।
अमेरिका की ताजा कार्रवाई को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि नितिश कौशल को सबसे वांछित सूची में शामिल किए जाने से जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े कई और अहम सुराग मिल सकते हैं। इसके साथ ही पंजाब से जुड़े संगठित अपराध के उन तारों की भी जांच तेज होने की संभावना है, जो भारत से बाहर बैठकर संचालित किए जा रहे हैं।