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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Crime: ब्लैकमेलिंग,धोखाधड़ी और रिश्वत... खुद को विजिलेंस ब्यूरो का AIG बताकर करता था वसूली; पुलिस ने ऐसे किया भंडोभोड़

By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
Updated: Sun, 05 Nov 2023 04:05 AM (IST)

पंजाब पुलिस के निलंबित एआइजी मानवाधिकार मालविंदर सिंह सिद्धू को विजिलेंस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गत शुक्रवार को विजिलेंस मुख्यालय में अधिकारियो ...और पढ़ें

खुद को विजिलेंस ब्यूरो का AIG बताकर करता था वसूली
खुद को विजिलेंस ब्यूरो का AIG बताकर करता था वसूली

ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के निलंबित एआइजी मानवाधिकार मालविंदर सिंह सिद्धू को विजिलेंस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गत शुक्रवार को विजिलेंस मुख्यालय में अधिकारियों से दु‌र्व्यवहार और धक्का-मुक्की करने के मामले में मोहाली पुलिस ने मामला दर्ज कर सिद्धू को गिरफ्तार किया था, लेकिन जमानत मिल गई थी। अब शनिवार को विजिलेंस ने उनको जबरन वसूली, धोखाधड़ी और रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि सिद्धू ने स्वयं को विजिलेंस ब्यूरो का एआइजी, आइजी बताते हुए ड्राइवर कुलदीप सिंह व बलबीर सिंह के साथ मिलीभगत करके अनुसूचित जाति और स्वतंत्रता सेनानियों के विभागों में कई व्यक्तियों का रिकार्ड हासिल किया। फिर इनके विरुद्ध शिकायतें दर्ज करवा के इनको ब्लैकमेल किया। शिकायतों को वापस लेने के बदले रिश्वत भी लेते रहे। मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

बता दें कि सिद्धू 2017 से मानवाधिकार सेल में बतौर एआइजी के तौर पर सेवा निभा रहे हैं। इन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी आर्टिगा ( पीबी 65 एडी 1905) का दुरुपयोग किया। तेल और अन्य खर्चे सरकारी खाते से करते रहे। 

कभी भी इस वाहन के प्रयोग (लाग बुक) का रिकार्ड नहीं रखा। सिद्धू ने ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी, राजपुरा के दफ्तर में काम करने वाले एक डाटा आपरेटर के पास अपने आप को आइजी विजिलेंस ब्यूरो पंजाब के तौर पर झूठी पहचान बताई थी और उससे एक सरकारी अध्यापक की सर्विस बुक की फोटो कापी हासिल कर मोबाइल में उसके शुरुआती पन्नों की फोटो खींच ली थी।