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    भाखड़ा बांध में बढ़ा जलस्तर, BBMB ने पंजाब-हरियाणा को दी सिंचाई के लिए ज्यादा पानी उठाने की सलाह

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 10:31 AM (IST)

    भाखड़ा बांध में जलस्तर बढ़ने के कारण बीबीएमबी ने पंजाब और हरियाणा सहित साझेदार राज्यों को सिंचाई के लिए अधिक पानी उठाने की सलाह दी है। ...और पढ़ें

    भाखड़ा बांध में बढ़ा जलस्तर (फोटो: जागरण)

    भाखड़ा बांध में बढ़ा जलस्तर (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. भाखड़ा बांध में जलस्तर पिछले वर्ष से 21 फीट अधिक दर्ज।

    2. बीबीएमबी ने पंजाब-हरियाणा को सिंचाई हेतु अधिक पानी लेने को कहा।

    3. राज्यों से मानसून के लिए भंडारण क्षमता बनाने पर जोर दिया।

    राजा ब्यूरो, चंडीगढ़। धान रोपाई सीजन के बीच भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पंजाब, हरियाणा समेत साझेदार राज्यों को भाखड़ा जलाशय से सिंचाई के लिए अधिक पानी उठाने की सलाह दी है। चंडीगढ़ में हुई बीबीएमबी की तकनीकी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

    बैठक में अधिकारियों ने राज्यों से उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करने को कहा। बोर्ड का मानना है कि जलाशय में इस समय पानी का स्तर अपेक्षाकृत ऊंचा है और आने वाले दिनों में हिमपात के पिघलने तथा मानसून के कारण अतिरिक्त जल प्रवाह मिलने की संभावना भी बनी हुई है।

    बीबीएमबी के आंकड़ों के अनुसार 9 जून को भाखड़ा जलाशय का जलस्तर 1,578.07 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष इसी दिन के 1,556.60 फीट की तुलना में 21.47 फीट अधिक है। यह स्तर इस अवधि के औसत 1,543.72 फीट से भी काफी ऊपर है।

    अधिकारियों ने क्या बताया?

    अधिकारियों ने बताया कि जलाशय अब पूर्ण जलस्तर से केवल 102 फीट नीचे है। ऐसे में भारी वर्षा या सतलुज बेसिन में अचानक बढ़ने वाले जल प्रवाह की स्थिति में अतिरिक्त भंडारण क्षमता सीमित रह जाएगी।

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    वर्तमान में जलाशय में 1.75 अरब घन मीटर (बीसीएम) जीवित भंडारण उपलब्ध है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 1.27 बीसीएम था। जलाशय की भराव क्षमता 31 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो 9 जून 2025 के 22 प्रतिशत और दीर्घकालिक औसत 18 प्रतिशत से काफी अधिक है।

    बैठक में यह भी सामने आया कि धान की रोपाई शुरू होने के बावजूद साझेदार राज्यों ने अभी तक अपने हिस्से का पानी अपेक्षित स्तर पर नहीं लिया है। फिलहाल भाखड़ा में 13,748 क्यूसेक पानी की आमद हो रही है, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 21,792 क्यूसेक थी।

    दूसरी ओर जलाशय से 20,763 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो पिछले वर्ष के 30,528 क्यूसेक से कम है। बीबीएमबी ने राज्यों से सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आगामी मानसून के लिए जलाशय में पर्याप्त भंडारण क्षमता बनाए रखने पर जोर दिया।