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    DIG पद से रिटायर होकर उठाने लगे सड़कों का कचरा, कौन हैं 88 साल के पूर्व IPS सिद्धू? पद्म श्री से हुए सम्मानित

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 11:42 AM (IST)

    सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू को स्वच्छता के प्रति उनके समर्पण के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. सेवानिवृत्त आईपीएस इंदरजीत सिंह सिद्धू को पद्म श्री मिला

    2. चंडीगढ़ में 'झाड़ू योद्धा' के नाम से जाने जाते हैं

    3. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार प्रदान किया

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। स्वच्छता के सिपाही 87 वर्षीय सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू को मंगलवार पद्म श्री पुरस्कार मिल गया। शहर में उन्हें झाड़ू योद्धा के नाम जाना जाता है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले विशेष अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    इंदरजीत सिंह सिद्धू अपने परिवार के साथ यह अवॉर्ड लेने के लिए दिल्ली गए। पुरस्कार लेने के बाद सिद्धू परिवार ने खुशी जाहिर की है। मालूम हो कि इस पुरस्कार के लिए सिद्धू ने आवेदन नहीं किया था, उनकी सड़क पर सफाई करते हुए वीडियो वायरल हुई थी जिसके बाद उन्हें यह अवॉर्ड देने के लिए यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को लिखा था।

    इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहे। इस समय सरदार इंदरजीत सिंह सिद्धू के पैर पर चोट भी लगी हुई है। वह चलने में असमर्थ हैं लेकिन इसके बावजूद वह हाथ में छड़ी पकड़कर सफाई का काम कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी थी। मालूम हो कि वह हर दिन अपने आसपास के एरिया की खुद ही सफाई करते हैं। मालूम हो कि सिद्धू सेक्टर-49 में रहते हैं। इससे पहले उन्हें यूटी प्रशासन की ओर से स्टेट अवॉर्ड भी मिल चुका है।

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    इंदरजीत सिंह सिद्धू डीआइजी के पद से हुए हैं रिटायर

    स. इंदरजीत सिंह सिद्धू पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त उप महानिरीक्षक (डीआइजी) और पूर्व आइपीएस अधिकारी हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी सिद्धू ने समाज सेवा का रास्ता सक्रियता से किया। शहर में सुबह की सैर के दौरान उन्होंने पार्कों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी को देखा और खुद सफाई करना शुरू कर दिया।

    1963 में पंजाब पुलिस में निरीक्षक के पद पर भर्ती हुए सिद्धू

    साल 1963 में पंजाब पुलिस में निरीक्षक के पद पर भर्ती हुए। वर्ष 1981 में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति मिली। अपने लंबे और गौरवपूर्ण पुलिस करियर के दौरान उन्होंने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, नई दिल्ली और कोलकाता में सेवाएं दीं।

    वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने सांबा सेक्टर में भी जिम्मेदारी निभाई। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 1991 में उन्हें सराहनीय सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।

    वर्ष 1996 में वह चंडीगढ़ से पंजाब के डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए। सिद्धू को चंडीगढ़ प्रशासन स्वतंत्रता दिवस पर स्टेट अवॉर्ड दे चुका है। इंदरजीत सिंह सिद्धू सुबह 6 बजे उठकर कचरा उठाने का काम शुरू कर देते हैं।

    खिलाड़ी भी रह चुके हैं सिद्धू

    6 जून 1938 को पंजाब के संगरूर जिले के गागरपुर गांव में जन्मे सिद्धू ने अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा को अपने जीवन का आधार बनाया। उन्होंने संगरूर के गवर्नमेंट रणबीर कॉलेज से बीए की शिक्षा प्राप्त की और महिंद्रा कालेज, पटियाला से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की।

    कॉलेज जीवन में वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी रहे। मुक्केबाजी में उन्होंने कॉलेज कलर अवॉर्ड जीता और पंजाब के विश्वविद्यालयों के बीच खेल उपलब्धियों के लिए दो बार रोल ऑफ ऑनर में स्थान बनाया।