Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    फरीदकोट में कूड़ा उठाने पर बढ़ा तनाव, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सफाई कर्मचारी अड़े

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 10:37 AM (GMT+05:30)

    फरीदकोट में 13 दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच हाईकोर्ट के आदेश पर कूड़ा उठाने पहुंची प्रशासन की टीम का कर्मचारियों ने विरोध किया, जिससे ...और पढ़ें

    फरीदकोट में कूड़ा उठाने पर बढ़ा तनाव (फोटो: जागरण)

    फरीदकोट में कूड़ा उठाने पर बढ़ा तनाव (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. फरीदकोट में 13 दिनों से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है।

    2. हाईकोर्ट ने 22 जुलाई तक शहर से कूड़ा हटाने का आदेश दिया।

    3. प्रशासन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच कूड़ा उठाने पर टकराव।

    जागरण संवाददाता, फरीदकोट। पिछले 13 दिनों से जारी पंजाब स्तरीय सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सोमवार को फरीदकोट में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन शहर से कूड़ा उठाने के लिए निजी ट्रॉलियां और जेसीबी मशीनें लेकर डंपिंग साइट पर पहुंच गया।

    हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने इसका विरोध करते हुए कूड़ा उठाने से रोक दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। उल्लेखनीय है कि शहर में लगातार 13 दिनों से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण जगह-जगह कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं।

    इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। हालात से नाराज शहरवासियों ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। इस संबंध में गत दिनों विभिन्न संस्थाओं तथा शहरवासियों ने एकत्रित होकर प्रशासन को 22 जुलाई तक अल्टीमेटम दिया गया था।

    यदि 22 जुलाई तक कूड़ा नहीं उठाया जाता तो शहरवासियों ने यह कूड़ा उठा कर विधायक आवास तथा प्रशासनिक कार्यालयों के समक्ष फेंकने की चेतावनी दी थी। दूसरी ओर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर होने के बाद अदालत ने राज्य सरकार और स्थानीय निकायों को 22 जुलाई तक पंजाब के सभी शहरों से कूड़ा साफ कराने के निर्देश दिए हैं।

    खबरें और भी

    इन्हीं आदेशों के पालन में सोमवार सुबह जिला प्रशासन निजी संसाधनों के साथ कूड़ा उठाने पहुंचा, लेकिन हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने इसका कड़ा विरोध किया।

    "जान दे देंगे, लेकिन कूड़ा नहीं उठाने देंगे"

    सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता कुलदीप सिंह ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।

    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी कीमत पर कूड़ा नहीं उठाने दिया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।

    हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना प्रशासन की जिम्मेदारी

    नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अमृत लाल ने बताया कि संगरूर निवासी एक व्यक्ति द्वारा शहरों में फैली गंदगी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि लगातार बढ़ रहे कूड़े के ढेरों के कारण महामारी जैसे हालात बनने की आशंका है।

    इस पर हाईकोर्ट ने 22 जुलाई तक सभी शहरों में सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन अदालत के आदेशों का हर हाल में पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से कूड़ा उठाने की कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल, सफाई कर्मचारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।