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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab News: बलिदानी तरनदीप सिंह के गांव में बनेगा खेल मैदान, CM भगवंत मान ने परिवार को सौंपा एक करोड़ का चेक

    By Suresh KamraEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Sun, 27 Aug 2023 07:25 PM (GMT+05:30)

    पंजाब में बलिदानी तरनदीप सिंह के गांव में सरकार खेल मैदान बनाएगी। वहीं बलिदानी के परिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक करोड़ रुपये का चेक भी सौंपा है ...और पढ़ें

    बलिदानी तरनदीप सिंह के गांव में बनेगा खेल मैदान, भगवंत मान ने परिवार को सौंपा एक करोड़ का चेक
    बलिदानी तरनदीप सिंह के गांव में बनेगा खेल मैदान, भगवंत मान ने परिवार को सौंपा एक करोड़ का चेक

    फतेहगढ़ साहिब, संवाद सहयोगी। जम्मू-कश्मीर के लेह रोड पर 20 अगस्त को फौज की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से नौ जवान शहीद हो गए थे। इनमें से एक जवान 23 वर्षीय शहीद तरनदीप सिंह था जो जिला फतेहगढ़ साहिब के हलका बस्सी पठाना के गांव कमाली से संबंधित था। बलिदानी की अंतिम अरदास के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान बलिदानी के परिवार से मिलने गांव कमाली पहुंचे।

    इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। वहीं एक्स ग्रेशिया ग्रांट के तहत परिवार को एक करोड़ रुपये का चेक सौंपा। इसमें 95 लाख रुपये पंजाब सरकार और पांच लाख रुपये भारतीय सेना की तरफ से हैं। इसके साथ ही तरनदीप सिंह की बहन को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया।

    वहीं, गांव में बलिदानी के नाम पर स्टेडियम बनाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तरणदीप परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी बहन एमएससी बीएड है। उसे नौकरी देने के लिए अधिकारियों को प्रक्रिया शुरू करने की हिदायत की गई है। मान ने कहा कि बलिदानियों का सम्मान बरकरार रखा जाएगा।

    'एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देकर AAP पूरा कर रही वादा'

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि शहीद का घाटा तो कभी पूरा नहीं हो सकता। पहली सरकारें रोड एक्सीडेंट या अन्य हादसे में जान गंवाने वालों को बलिदानी नहीं मानती थी। लेकिन आप सरकार देश सेवा के लिए ड्यूटी पर किसी भी तरह अपनी जान गंवाने वालों को शहीद का दर्जा देकर परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देकर वादा पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि गांव के युवा पुलिस और फौज में भर्ती होने के लिए सड़कों पर दौड़ते हैं। खेलने के लिए कोई ग्राउंड नहीं है। सरकार गांव में बलिदानी की याद में स्टेडियम बनाएगी और सिंथेटिक ट्रैक बनेगा।

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    परिवार का इकलौता बेटा था तरनदीप- पिता केवल सिंह

    तरनदीप सिंह के पिता केवल सिंह ने बताया कि सैनिक तरनदीप सिंह दिसंबर 2018 में भर्ती हुआ था। तरनदीप के पिता साढ़े तीन एकड़ जमीन पर खेती करते हैं और घर में माता-पिता के अलावा एक बहन भी है। तरनदीप परिवार का इकलौता बेटा था। तरनदीप सिंह अकसर युवाओं को नशों से दूर रहने और फौज में भर्ती होने की प्रेरणा देता था। वह क्रिकेट का खिलाड़ी था। तरनदीप ने इस साल दिसंबर में शहीदी सभा पर फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होने और परिवार को मिलने छुट्टी पर आना था। जब भी उससे शादी की बात करते तो कहता था कि पहले बहन की शादी करूंगा।