मिठाई के नाम पर जहर! फिरोजपुर में 48 में 18 सैंपल फेल, 1300 किलो घी सील; त्योहारी सीजन में बढ़ी मिलावटखोरी
त्योहारी सीजन से पहले फिरोजपुर में खाद्य पदार्थों की जांच तेज हुई। 48 में 18 सैंपल फेल मिले। घी, खोया, पनीर और मिठाइयों पर कार्रवाई की गई।

विभाग की तरफ से नष्ट की जा रही मिठाई।
HighLights
फिरोजपुर में 48 में से 18 खाद्य सैंपल फेल हुए।
स्वास्थ्य विभाग ने 1300 किलो देसी घी, सिंथेटिक पनीर सील किया।
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी रोकने को अभियान तेज किया।
डाॅ. तरूण जैन, फिरोजपुर। फिरोजपुर में त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। त्योहारी दिनों में राजस्थान समेत दूसरे राज्यों और शहरों से जिले में पहुंचने वाली मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की खेप पर विभाग की पैनी नजर रहेगी।
विभाग ने मिलावटी और घटिया मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए चेकिंग और सैंपलिंग का अभियान तेज कर दिया है। पिछले डेढ़ महीने के दौरान विभाग की ओर से विभिन्न खाद्य पदार्थों के 48 सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। इनमें से अब तक 18 से अधिक सैंपल की रिपोर्ट फेल आ चुकी है, जबकि कुछ सैंपलों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
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सिंथेटिक पनीर की खेप पकड़ी
विभाग की टीम ने अबोहर से फिरोजपुर लाई जा रही सिंथेटिक पनीर की खेप भी पकड़ी है। इसके अलावा जीरा में 1300 किलो देसी घी सील किया गया है। 300 किलो राजस्थानी सिंथेटिक खोया नष्ट करवाने के साथ-साथ आठ क्विंटल से अधिक मिलावटी मिठाइयां भी फैंकवाई जा चुकी हैं और 120 किलो पतीसा भी सील किया गया है।
चेकिंग के दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए खरड़ स्थित लैब में भेजे जाते हैं। हालांकि, पूरे जिले में मिलावटखोरी पर निगरानी की जिम्मेदारी फिलहाल एक ही फूड सेफ्टी अधिकारी के कंधों पर है।
विभाग में फूड सेफ्टी अधिकारी के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से एक पद कुछ समय से खाली है। इसके अलावा विभाग की फूड सेफ्टी वैन भी तकनीकी खराबी के कारण पिछले कुछ समय से बंद पड़ी है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बावजूद अधिकारी दिन-रात मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
मिलावटी मिठाइयों पर विभाग सख्त
फूड सेफ्टी अधिकारी अभिनव खोसला ने बताया कि उन्होंने 24 जून को फिरोजपुर में कार्यभार संभाला था। कार्यभार संभालते ही उन्होंने तय किया था कि जिले में मिलावटी और घटिया मिठाइयों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
अभिनव खोसला के अनुसार जांच में कई मिठाइयों में स्टार्च, मैदा, स्क्रीन, प्रिजरवेटिव, चर्बी और मिल्क फैट जैसी चीजों की मिलावट सामने आई है।
उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए बाहरी शहरों से आने वाली मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की विशेष रूप से निगरानी की जा रही है।
विभाग की ओर से कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
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दुकानदारों को नियमों का पालन करने की हिदायत
दुकानदारों की बैठकें आयोजित करने के अलावा टीम दुकानों पर जाकर उन्हें फूड सेफ्टी नियमों का पालन करने और मिलावटी अथवा खराब खाद्य सामग्री नहीं बेचने के लिए जागरूक कर रही है।
स्कूलों में मिड-डे मील की जांच के साथ विद्यार्थियों को भी जंक फूड से परहेज करने और पौष्टिक एवं साफ-सुथरा भोजन खाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में बड़ी मात्रा में मिठाइयां लुधियाना, तरनतारन मोगा, जगराओं समेत अन्य शहरों से पहुंचती हैं। हलवाइयों के पास श्रमिकों की कमी के कारण कई दुकानदार बाहर से तैयार मिठाइयां मंगवाकर बेचने पर जोर दे रहे हैं।
सस्ती मिठाई, महंगे दाम में बिक्री
अभिनव खोसला के अनुसार बड़े डीलरों की ओर से ये मिठाइयां करीब 200 से 300 रुपये प्रति किलो की दर से भेजी जाती हैं, जबकि बाजार में इन्हें 450 से 600 रुपये प्रति किलो तक बेचा जाता है। मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए उनमें तेज रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, वह रंग चुन्नियां और पगड़ी रंगने के काम आता है।
ऐसे खाद्य पदार्थ स्वाद और सुंदरता के नाम पर लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता पर ध्यान दें तथा संदिग्ध या मिलावटी खाद्य सामग्री की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।
