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    गुरदासपुर: भीषण बारिश से रावी दरिया का जलस्तर बढ़ा, मंडराने लगा बाढ़ का खतरा; दहशत में ग्रामीण

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 05:45 PM (IST)

    गुरदासपुर में चार दिनों की भारी वर्षा से रावी दरिया का जल स्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे खेत और सड़कें डूब गई हैं और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ...और पढ़ें

    पिछले चार दिन की लगातार वर्षा से रावी दरिया का बढ़ा जलस्तर, मंडराने लगा बाढ़ का खतरा।

    पिछले चार दिन की लगातार वर्षा से रावी दरिया का बढ़ा जलस्तर, मंडराने लगा बाढ़ का खतरा।

    HighLights

    1. चार दिनों की भारी वर्षा से रावी दरिया का जलस्तर बढ़ा

    2. खेत और सड़कें डूबीं, ग्रामीणों में बाढ़ का डर

    3. प्रशासन से राहत और धुस्सी बांध मरम्मत की मांग

    जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। पिछले चार दिनों से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही भारी वर्षा ने रावी दरिया का जल स्तर तेजी से बढ़ा दिया है। दरिया के किनारे बसे गांवों के खेत और सड़कें पानी में डूब गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

    एक बार फिर बाढ़ का साया इन इलाकों पर मंडराने लगा है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हिमाचल प्रदेश समेत ऊपरी क्षेत्रों में हुई तेज वर्षा का सारा पानी रावी दरिया में समा रहा है। परिणामस्वरूप दरिया का जल स्तर खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है।

    गांव आदियां के निवासी किसान जसबीर सिंह ने बताया कि हर साल बरसात के मौसम में यही कहानी दोहराई जाती है। पानी बढ़ने से उनके खेत डूब जाते हैं, फसलें बर्बाद हो जाती हैं। इस बार भी वही हाल है। किसान मलकीत सिंह और रणधीर सिंह ने भी यही आशंका जताई। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारे की भारी किल्लत हो गई है।

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    किसानों का कहना है कि अगर वर्षा अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो स्थिति और बिगड़ सकती है। दरिया का पानी खेतों से आगे बढ़कर घरों तक पहुंचने की आशंका है। याद रहे कि पिछले साल इसी मौसम में आई भयानक बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी थी।

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    सैकड़ों गांव पानी में डूब गए थे, हजारों एकड़ फसलें नष्ट हो गईं, मकान क्षतिग्रस्त हुए और पशुधन की भारी हानि हुई। जिले में लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। कई परिवारों की साल भर की मेहनत एक रात में बह गई थी। उस बाढ़ की याद अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है, जिसके चलते इस बार चिंता और बढ़ गई है।

    किसानों ने बताया कि सरकार हर साल आश्वासन देती है, लेकिन काम कुछ नहीं होता। धुस्सी बांध की मरम्मत और ऊंचाई बढ़ाने का काम लंबित पड़ा है। अगर इस बार भी पिछले साल जैसी स्थिति बनी तो उनकी हालत खराब हो सकती है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि तुरंत मशीनरी, रेत की बोरे, खाद्य सामग्री और पशु चारे की व्यवस्था की जाए। साथ ही दरिया किनारे के गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी रखी जाए।

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    मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में और भारी वर्षा की संभावना है। इस दौरान रावी दरिया में जल स्तर और बढ़ सकता है। कुछ जगहों पर आरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। बाढ़ से जुड़ी समस्याएं केवल फसलों और घरों तक सीमित नहीं हैं।

    सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। कई छोटी सड़कें पानी से घिर गई हैं, जिससे गांवों से शहरों की कनेक्टिविटी प्रभावित हो रही है। ज्ञात रहे कि इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। बाढ़ हर साल न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाती है बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी घटाती है। लंबे समय में यह किसानों की आय और क्षेत्र के विकास को प्रभावित करती है।

    ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यही कहानी दोहराई जा रही है। समस्या जड़ से हल करने की जरूरत है। धुस्सी बांध का मजबूत निर्माण और सही ड्रेनेज सिस्टम जैसे उपाय किए जाने चाहिए। यदि वर्षा थमी तो स्थिति सुधर सकती है, लेकिन मौसम विभाग की भविष्यवाणी को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।