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    पंजाब के गुरदासपुर में BLO से दुर्व्यवहार, SDM के ऑफिस में अधिकारी ने हाथ से SIR फॉर्म छीनकर फेंका

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 11:05 PM (IST)

    गुरदासपुर में एक बीएलओ शिक्षक ओंकार सिंह ने एसडीएम दफ्तर के एक अधिकारी पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है। ...और पढ़ें

    बीएलओ से एसआईआर फॉर्म छीनकर फेंके, विरोध में शिक्षकों ने दिया धरना।

    बीएलओ से एसआईआर फॉर्म छीनकर फेंके, विरोध में शिक्षकों ने दिया धरना।

    HighLights

    1. बीएलओ शिक्षक ओंकार सिंह से एसडीएम दफ्तर में दुर्व्यवहार।

    2. अधिकारी ने एसआईआर फॉर्म छीने, फेंक दिए और अपमानित किया।

    3. शिक्षक संगठनों ने अधिकारी को हटाने की मांग पर प्रदर्शन किया।

    जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। जिले में बूथ लेवल आफिसर के रूप में तैनात प्राइमरी शिक्षक के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। अध्यापक ओंकार सिंह ने बताया कि वह पिछले लगभग तीन महीनों से बीएलओ के तौर पर काम कर रहे हैं।

    एसडीएम दफ्तर में एसआईआर के फॉर्म जमा करने वाले अधिकारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और धौंस जमाया। इस घटना के बाद जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने सख्त रुख अपनाते हुए उक्त अधिकारी को तुरंत हटाने की मांग की है। इसे लेकर गुस्साए अध्यापकों ने एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना लगाकर जमकर नारेबाजी की।

    ओंकार सिंह ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से प्रतिदिन 18-18 घंटे काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर के कार्य की समय सीमा तीन अगस्त तय की गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि सारा काम पहले ही पूरा किया जाए। उनके पास 48 भरे हुए फॉर्म थे, जिनमें से वीरवार को उन्हें दस फॉर्म यह कहते हुए वापस कर दिए गए कि वे गलत हैं।

    पीड़ित शिक्षक ने बताया कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से उन फॉर्म को घर जाकर दोबारा ठीक किया और वापस लेकर आए, ताकि किसी भी वोटर को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उनका आरोप है कि जब वे आधे घंटे बाद एसडीएम दफ्तर वापस पहुंचे तो वहां तैनात शिक्षक ने उनके साथ बेहद बुरा और अपमानजनक व्यवहार किया। आरोप है कि उक्त शिक्षक ने उनके हाथों से फॉर्म छीनकर फेंक दिए और उन्हें कमरे से बाहर जाने के लिए कहा।

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    ओंकार सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि उक्त अध्यापक पिछले आठ-दस सालों से इसी कार्यालय में तैनात है और वह अक्सर शिक्षकों व कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान करता है। उन्होंने कहा कि इस घटना के विरोध में जिले की सभी शिक्षक संगठनों ने सख्त मांग उठाई है कि उक्त अध्यापक को तुरंत इस कार्यालय से रिलीव करके उसके स्कूल वापस भेजा जाए, क्योंकि उसका इस कार्यालय से कोई संबंध नहीं है।

    शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर ऐसे व्यक्ति को दफ्तर से नहीं हटाया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि शिक्षकों और बीएलओ के साथ इस तरह का अपमानजनक व्यवहार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मौके पर अध्यापक नेता अश्विनी कुमार, कुलदीप पुरेवाल, सरबजीत सिंह आदि मौजूद थे।