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    गुरदासपुर में भीषण गर्मी का टॉर्चर, 37 डिग्री पहुंचा पारा; शनिवार को झमाझम बारिश की संभावना

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 02:35 PM (IST)

    गुरदासपुर में पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और उमस के कारण 40-41 डिग्री महसूस हो ...और पढ़ें

    बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह (फोटो: जागरण)

    बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह (फोटो: जागरण)

    जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। शहर में पिछले दो दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो दिनों में करीब दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्शाता है।

    वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री पर स्थिर बना हुआ है, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार को हवा में नमी की मात्रा 55 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया।

    दिनभर चार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे बाहर निकलना दूभर हो गया। हालांकि, आंशिक रूप से बादल छाए रहे, लेकिन इनसे राहत मिलने की बजाय उमस और बढ़ गई।

    तापमान से कहीं अधिक महसूस हो रहा पारा

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते तापमान और उच्च आर्द्रता के कारण 'फील्स-लाइक' तापमान वास्तविक तापमान से कहीं अधिक महसूस हो रहा है। हालांकि शहर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन उमस के कारण यह 40 से 41 डिग्री के बीच महसूस हो रहा है।

    ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग छायादार जगहों और पेड़ों के नीचे राहत पाने की कोशिश करते नजर आए।

    वहीं, कई लोगों ने एसी और कूलर का सहारा लेकर गर्मी से बचाव किया। लोगों का कहना है कि पिछले दो दिनों से गर्मी इतनी बढ़ गई है कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रात में भी पसीने से तरबतर रहना पड़ रहा है।

    मौसम विभाग ने लोगों को राहत की खबर भी दी

    मौसम विभाग ने लोगों को राहत की खबर भी दी है। विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम में बदलाव आएगा और वर्षा होने की संभावना है। वर्षा से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद नमी बढ़ने से उमस और बढ़ सकती है, जिससे असुविधा बनी रह सकती है।

    खबरें और भी

    गौरतलब है कि इस समय जिले में मानसून की सक्रियता कमजोर है, जिसके कारण वर्षा नहीं हो पा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ के पश्चिमी छोर के पहाड़ी क्षेत्रों की ओर खिसक जाने से मैदानी इलाकों में वर्षा की गतिविधियां कम हो गई हैं। जब तक मानसून ट्रफ दोबारा सक्रिय होकर दक्षिण या मैदानी इलाकों की ओर नहीं आती, तब तक गर्मी और उमस से राहत मिलना मुश्किल है।

    मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया है। हालांकि, शनिवार को होने वाली वर्षा से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। शहरवासी राहत की इस खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तब तक, लोगों को धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।