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    पंजाब शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, 1007 कर्मचारियों की पुरानी आईडी रहेगी लागू, सैलरी को लेकर रास्ता साफ

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 07:32 PM (IST)

    पंजाब शिक्षा विभाग ने 1007 नियमित हुए गैर-शिक्षण कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है, अब उनकी पुरानी IHRMS और ई-पंजाब आईडी ही बरकरार रहेंगी। ...और पढ़ें

    1007 कर्मचारियों की पुरानी आईडी रहेगी लागू (जागरण)

    1007 कर्मचारियों की पुरानी आईडी रहेगी लागू (जागरण)

    HighLights

    1. 1007 गैर-शिक्षण कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत।

    2. पुरानी IHRMS और ई-पंजाब आईडी होंगी बरकरार।

    3. वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम।

    जागरण संवाददाता, होशियारपुर। पंजाब के शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत हाल ही में रेगुलर हुए 1007 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अपने पूर्व निर्णय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। विभाग ने पहले जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से रद करते हुए अब इन कर्मचारियों की पुरानी आइएचआरएमएस और ई-पंजाब आइडी को बरकरार रखने का निर्णय लिया है।

    इस निर्णय से कर्मचारियों के वेतन भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा निदेशालय (सेकेंडरी), पंजाब द्वारा पहले जारी आदेश में इन कर्मचारियों के लिए नई आइडी बनाने के निर्देश दिए गए थे।

    पुरानी आईडी को ही रिटेन किया जाएगा

    इससे कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, क्योंकि नई आइडी बनने तक वेतन प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका थी। अब विभाग ने यू-टर्न लेते हुए स्पष्ट किया है कि पुरानी आइडी को ही ‘रिटेन’ किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

    नए निर्देशों के अनुसार पुरानी आइएचआरएमएस और ई-पंजाब आइडी के माध्यम से ही कर्मचारियों के एनपीएस और पीआरएएन नंबर जल्द अलाट किए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारियों की सैलरी समय पर जारी हो सके और किसी प्रकार की देरी या रुकावट न आए। कर्मचारियों के लिए यह निर्णय राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से वेतन संबंधी अनिश्चितता बनी हुई थी।

    हालांकि, विभाग ने इस सुविधा के साथ कुछ शर्तें भी जोड़ी हैं। सभी संबंधित कर्मचारियों को एक स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। इस अंडरटेकिंग में कर्मचारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि वे पुरानी आइडी का उपयोग केवल वेतन प्राप्त करने के लिए कर रहे हैं।

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    इसके अलावा उन्हें अपनी पूर्व कान्ट्रैक्ट सेवा के आधार पर भविष्य में किसी अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं करनी होगी। इस विषय को लेकर वे भविष्य में किसी न्यायालय का रुख नहीं करेंगे और न ही किसी लंबित मामले में पुरानी सेवा का लाभ लेने का दावा करेंगे। इन शर्तों को स्वीकार करना कर्मचारियों के लिए आवश्यक होगा, तभी वे इस नई व्यवस्था का लाभ उठा पाएंगे।

    सभी डीईओ और प्रिंसिपलों को निर्देश, जॉइनिंग और सैलरी में न हो देरी

    शिक्षा निदेशक (सेकेंडरी) द्वारा यह आदेश राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपलों को भेज दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि रेगुलर हुए कर्मचारियों की जाइनिंग और वेतन प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर ली जाएं। इस निर्णय को लेकर कर्मचारियों में संतोष देखा जा रहा है।

    जहां पहले नई आईडी बनने की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी, वहीं अब पुरानी आईडी के इस्तेमाल से प्रक्रिया सरल हो गई है। कुल मिलाकर, शिक्षा विभाग का यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे कर्मचारियों को आर्थिक राहत भी मिलेगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जमीनी स्तर पर यह प्रक्रिया कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू होती है।