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    भारत-पाक सीमा पर तीन महीने में पकड़े गए 47 ड्रोन, BSF और पंजाब पुलिस ने की बैठक; रोकथाम पर की चर्चा

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 09:48 PM (IST)

    इस वर्ष जनवरी से अब तक भारत-पाक सीमा पर बीएसएफ ने 47 ड्रोन पकड़े हैं, जिनका उपयोग हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए हो रहा था। ...और पढ़ें

    भारत-पाक सीमा पर तीन महीने में पकड़े गए 47 ड्रोन (जागरण फाइल)

    भारत-पाक सीमा पर तीन महीने में पकड़े गए 47 ड्रोन (जागरण फाइल)

    HighLights

    1. इस वर्ष 47 ड्रोन भारत-पाक सीमा पर पकड़े गए।

    2. हथियार, नशा तस्करी में ड्रोन का उपयोग हो रहा था।

    3. बीएसएफ ने अमृतसर में ड्रोन सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की।

    जागरण संवाददाता, जालंधर। इस वर्ष जनवरी से अभी तक भारत पाक सीमा पर बीएसएफ 47 ड्रोन पकड़ चुकी है। इन ड्रोन के जरिए हथियार और नशा भारत की सीमा में गिराया जा रहा था। भारत विरोध गतिविधियोंं के लिए पड़ोसी मुल्क की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन से निपटने के लिए नई तकनीक और उपायों पर समकालीन युद्ध, सीमा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा में ड्रोन की बदलती भूमिका पर बीएसएफ ने अमृतसर में कार्यशाला का आयोजन किया।

    वर्ष 2025 में बीएसएफ ने 288 पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया था। इस वर्ष मात्र तीन माह में इनकी संख्या 47 तक पहुंच गई है। बरामद ड्रोन में हेक्साकाप्टर, क्वाडकाप्टर तथा हाई–एंड माडिफाइड ड्रोन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल तस्करी नेटवर्क सीमा पार गतिविधियों में किया जा रहा था। इन तीन महीनों में पाकिस्तान की ओर से भेजी गई 331.264 किलो हेरोइन पकड़ी गई है। इसके अलावा 58 हथियार, कारतूस और मैगजीन बीएसएफ ने बरामद किए है।

    चुनौतियों को किया गया साझा

    बीएसएफ की सेक्टर मुख्यालय अमृतसर में आयोजित कार्यशाला में बीएसएफ और पंजाब पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल कोर कमांडर 11 कोर अमित कबथियाल ने की। मुख्य भाषण और उद्घाटन संबोधन डीजी पंजाब पुलिस गौरव यादव, एडीजी बीएसएफ सतीश एस खंडारे द्वारा दिए गए, जिन्होंने बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

    कार्यशाला में पंजाब पुलिस के एएनटीएफ एडीजी नीलाभ किशोर, डीआइजी बीएसएफ अकादमी सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर रूपेंदर सिंह, आइजी बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर डॉ. अतुल फुलझेले और डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल हुए। सभी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए विकसित हो रहे खतरों से उभरने के विभिन्न पहलुओं और उनके प्रभावी एवं सक्रिय रूप से मुकाबला करने के उपायों पर अपने विचार साझा किए।

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    राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी

    कार्यशाला में सीमाओं पर ड्रोन आधारित तस्करी और निगरानी के बढ़ते खतरे पर चर्चा की गई, साथ ही ड्रोन की पहचान, फारेंसिक क्षमताओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर पर बात की गई जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारी को सुदृढ़ और सशक्त किया जा सके।