तोड़ देंगे निर्माण कार्य....जमशेर बायोगैस प्लांट पर बढ़ा विवाद, सरकार को 23 जनवरी तक का अल्टीमेटम
जालंधर के जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स में चारा मंडी की जमीन पर बन रहे बायोगैस प्लांट के खिलाफ किसानों और स्थानीय लोगों ने धरना दिया। विधायक परगट सिंह ने क ...और पढ़ें

जमशेर बायोगैस प्लांट पर बढ़ा विवाद
HighLights
विधायक परगट सिंह ने धरना दिया, काम रोकने की मांग की
किसान और स्थानीय लोग स्वास्थ्य कारणों से प्लांट का विरोध कर रहे
किसानों ने 23 जनवरी तक अल्टीमेटम दिया, निर्माण गिराने की चेतावनी
जागरण संवाददाता, जालंधर। जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स में चारा मंडी की जमीन पर स्थापित किया जा रहे बायोगैस प्लांट के खिलाफ किसानों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को धरना दिया। इस धरने में जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से विधायक परगट सिंह भी पहुंचे।
परगट सिंह ने चारा मंडी के अंदर बनाए जा रहे बायोगैस प्लांट का काम तुरंत बंद करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यहां पर किसी भी कीमत पर बायोगैस प्लांट नहीं लगने देंगे। सरकार इसके लिए कोई दूसरी जगह तय करें। परगट सिंह ने कहा कि जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स के अपने हालात बहुत खराब हैं। नगर निगम वहां आज तक पूरी तरह विकास नहीं करवा पाया है, जिससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स में हालात और भी खराब होने वाले थे, अगर यहां निगम की तरफ से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगा दिया जाता। लेकिन लोगों की मदद से इस प्लांट को लगने से रोक दिया गया था। अब सरकार फिर से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की तैयारी कर रही है।
परगट सिंह ने कहा, ''बायोगैस प्लांट को अगर चारा मंडी की जमीन पर बनाया गया, तो वहां चारा मंडी की जमीन खत्म हो जाएगी और किसानों को चारे के लिए जगह नहीं मिलेगी। इस प्लांट को लगाने से पहले निगम और सरकार को स्टडी कर लेनी चाहिए। सभी नियमों का पालन करने के बाद ही जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स में बायोगैस प्लांट को स्थापित किया जाए।
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उन्होंने चेताया कि वह जमशेर के लोगों के साथ खड़े हैं। इस प्लांट को चारा मंडी के अंदर नहीं लगने दिया जाएगा, जिसके लिए हर संभव संघर्ष करना पड़ेगा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
स्थानीय लोगों और किसान संगठनों ने भी चेतावनी दी है और कहा है कि सरकार इस पर 23 जनवरी तक फैसला ले, अन्यथा यहां हो रहे निर्माण को गिरा दिया जाएगा। लोगों का कहना है कि सेहत और प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए इस प्लांट की जगह गांव के बाहर शिफ्ट जानी चाहिए। इस पर नगर निगम और सरकार दोबारा विचार करे। अगर सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा।
आदमपुर के विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने भी चेताया कि वह दो साल से भोगपुर में सीएनजी प्लांट लगाने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने वहां एक भी ईंट नहीं लगने दी है। क्योंकि यह प्लांट लोगों की जान के लिए खतरनाक है और बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा है। जमशेर में लगने वाले इस प्लांट के विरोध में भी लोगों के साथ खड़े हैं।
किसान जत्थेबंदी के जिला प्रमुख जत्थेदार कुलविंदर सिंह ने नगर निगम और सरकार को 23 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर निगम और सरकार ने अपने फैसला नहीं बदला, तो वह लोग 23 जनवरी को इस निर्माण को गिरा देंगे। जल्द ही कमेटी का गठन करके आसपास के लोगों को लामबंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान जत्थेबंदियों और गांवों के लोग एकजुट होकर किसी भी तरह की कुर्बानी देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।