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    जालंधर में चाबी निकाल ई-रिक्शा ले गए थाने, पार्षद ने ट्रैफिक कर्मी से मंगवाई माफी

    Updated: Sat, 21 Feb 2026 09:10 AM (IST)

    जालंधर सिविल अस्पताल के बाहर एक ई-रिक्शा चालक और ट्रैफिक पुलिसकर्मी के बीच विवाद हो गया। पुलिसकर्मी ने 'नो ऑटो जोन' में प्रवेश करने पर ई-रिक्शा की चाब ...और पढ़ें

    कैप्शन: ट्रैफिक कर्मी से ई-रिक्शा की चाबी वापस दिलवाने के बाद उनसे माफी मंगवाते शैरी चड्ढा (जागरण)

    कैप्शन: ट्रैफिक कर्मी से ई-रिक्शा की चाबी वापस दिलवाने के बाद उनसे माफी मंगवाते शैरी चड्ढा (जागरण)

    HighLights

    1. सिविल अस्पताल के बाहर ई-रिक्शा चालक-पुलिस विवाद

    2. नो ऑटो जोन में प्रवेश पर पुलिस ने जब्त किया रिक्शा

    3. पार्षद के हस्तक्षेप से पुलिसकर्मी ने मांगी माफी

    जागरण संवाददाता, जालंधर। सिविल अस्पताल के बाहर ई-रिक्शा की ट्रैफिक कर्मी की ओर से चाबी निकालने व उसे जब्त करने को लेकर चालक और पुलिस कर्मचारी में विवाद हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा हुआ। नो आटो जोन में ई-रिक्शा लेकर जाने के कारण पुलिस कर्मी ने यह कदम उठाया था।

    इस बीच मौके पर पहुंचे कांग्रेस के पार्षद शैरी चड्ढा व सिख तालमेल कमेटी के सदस्यों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पुलिस कर्मचारी से ऑटो की चाबी वापस करवाने के बाद माफी मंगवाई। ॉइसके बाद मामला शांत करवाया।

    यह घटना शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे की है। ई-रिक्शा चालक अंग्रेज सिंह ढिल्लों का कहना है कि वह सिविल अस्पताल में गंभीर हालत में मरीज को लेकर आया था। मरीज को अंदर छोड़ने के बाद बाहर निकला तो ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी ने उसे रोकते हुए ई-रिक्शा की चाबी निकाल ली व दूसरे कर्मचारी की मदद से ई-रिक्शा को पुलिस डिविजन नंबर चार में ले गए। उनका चालान नहीं किया गया, लेकिन वाहन को जब्त कर लिया गया।

    ई-रिक्शा चालक ने पुलिस कर्मचारी पर गालियां निकालने का आरोप भी लगाया। वहीं पुलिस कर्मचारी कुलवंत ने कहा कि इस रोड पर आटो की एंट्री बैन है। हालांकि, आटो में मरीज होने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने दावा किया कि आटो चालक को चौक पर रोकने की कोशिश की, लेकिन वह रुका नहीं। उसका पीछा किया और दस्तावेज दिखाने को लेकर विवाद हुआ।

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    इस दौरान मौके पर पहुंचे कांग्रेस पार्षद शैरी चड्ढा व सिख तालमेल कमेटी के चेयरमैन हरपाल सिंह चड्ढा, हरप्रीत सिंह नीटू सहित सदस्यों ने ट्रैफिक कर्मी से ई-रिक्शा की चाबी वापस करवाई और फिर माफी मंगवाई।

    नो आटो जोन में एंट्री के कारण की थी कार्रवाई

    ट्रैफिक इंचार्ज ट्रैफिक इंचार्ज कुलवंत ने कहा कि नो आटो जोन में ई-रिक्शा की एंट्री होने पर ही कार्रवाई की गई थी, लेकिन ई-रिक्शा में मरीज होने का तर्क देने के बाद इसे छोड़ दिया गया।

    मरीज की जान बचाना 
जरूरी था

    अंग्रेज सिंह आटो चालक अंग्रेज सिंह ने कहा कि मरीज की जान बचाना जरूरी था। इस कारण वह नकोदर रोड से भगवान वाल्मीकि चौक से सिविल अस्पताल गया था। पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।


    कांग्रेस पार्टी के पार्षद शैरी चड्ढा ने कहा कि ई-रिक्शा में सवार मरीज की हालत गंभीर थी। चालक नो आटो जोन से होते हुए मरीज को सिविल अस्पताल लेकर गया था। इसके बावजूद उसका ई-रिक्शा इंपाउंड कर दिया गया था। बाद में ट्रैफिक कर्मी ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी ली।