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    अंतरराष्ट्रीय उगाही रैकेट में पंजाब पुलिस का पूर्व SHO गिरफ्तार, US एजेंसी की चार्जशीट के बाद बड़ी कार्रवाई

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 09:25 AM (IST)

    पंजाब पुलिस के पूर्व एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को अंतरराष्ट्रीय उगाही रैकेट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

    अंतरराष्ट्रीय उगाही रैकेट में पंजाब पुलिस का पूर्व SHO गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो)

    अंतरराष्ट्रीय उगाही रैकेट में पंजाब पुलिस का पूर्व SHO गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो)

    डिजिटल डेस्क, जालंधर। पंजाब पुलिस ने टांडा पुलिस स्टेशन के पूर्व एसएचओ और सस्पेंडेड इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है।

    गौरतलब है कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने हाल ही में नागरा पर अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक परिवार को निशाना बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय उगाही रैकेट में शामिल होने का आरोप लगाया था। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को आरोपी को दसूहा कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

    दिलचस्प बात यह है कि यह मामला उसी टांडा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है, जिसके प्रभारी कभी खुद नागरा हुआ करते थे। अमेरिकी न्याय विभाग ने 7 जुलाई को यह भी साफ किया था कि वे उगाही की साजिश रचने और विदेशी व्यापार में बाधा डालने के आरोपों के तहत नागरा के प्रत्यर्पण का प्रयास कर रहे हैं ताकि उस पर अमेरिका में मुकदमा चलाया जा सके।

    AAP कार्यकर्ता की हत्या का डर दिखाकर वसूली की कोशिश

    यह पूरा मामला मियानी गांव में 15 जनवरी को हुई आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बलविंदर सिंह की हत्या से जुड़ा हुआ है। अमेरिका में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और उसके साथी गुरलाल सिंह के खिलाफ दायर आरोप-पत्र ('ऑपरेशन हार्ड बॉल') के मुताबिक, इस गैंग के एक गुर्गे ने पीड़ित परिवार को धमकाया था।

    इसके बाद पीड़ित का विवरण पंजाब के इस कथित भ्रष्ट पुलिस अफसर (नागरा) को लीक किया गया। नागरा ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए अमेरिका में रह रहे पीड़ित, उसके पिता और उसकी बहन पर भारत में हत्या का झूठा आरोप लगाने की धमकी दी। उसने परिवार को मामले में फंसाने का डर दिखाकर 4,00,000 डॉलर (लगभग 3.8 करोड़ रुपये) वसूलने की कोशिश की और अवैध तरीके से 16 लाख रुपये ऐंठ भी लिए।

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    विभागीय कार्रवाई शुरू, IPS अफसर को सौंपी गई जांच

    जालंधर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नवीन सिंगला ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इन गंभीर आरोपों के सामने आने के तुरंत बाद नागरा को SHO पद से हटा दिया गया था। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए होशियारपुर जिले से बाहर तैनात एक आईपीएस (IPS) अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

    डीआईजी ने आगे बताया कि जांच के दौरान इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत नागरा के खिलाफ पीड़ित परिवार से अवैध वसूली करने और 16 लाख रुपये लेने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन पर्याप्त सबूतों के आधार पर 16 जनवरी को टांडा पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या की एफआईआर में नागरा को भी आरोपी बनाया गया है।

    उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 (उगाही) के तहत मुकदमे की कार्रवाई जोड़ी गई है। आरोपी अधिकारी को सस्पेंड कर उसके खिलाफ सख्त विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।