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    ईरान-इजरायल युद्ध से पंजाब के प्लास्टिक इंडस्ट्री पर असर: कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से महंगे हुए उत्पाद

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 10:44 PM (GMT+05:30)

    ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से प्लास्टिक दाना महंगा हो गया है। जालंधर में प्लास्टिक दाने की कीमत ₹90-100 से ₹150-160 प्रत ...और पढ़ें

    कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से प्लास्टिक दाना महंगा (फाइल फोटो)

    कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से प्लास्टिक दाना महंगा (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से प्लास्टिक दाना महंगा

    2. प्लास्टिक दाना ₹90 से ₹150 प्रति किलो पहुंचा

    3. उद्योग को उत्पादन घटाने पर मजबूर होना पड़ा

    कमल किशोर, जालंधर। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चा तेल की कीमतों में तेजी होने के कारण प्लास्टिक दाना महंगा हो गया है। प्लास्टिक दाना महंगा होने के असर प्लास्टिक के उत्पादों पर दिख सकता है। वर्तमान कीमतों की बात करें तो दाना 150-160 रूपये प्रति किलो पहुंच गया है, जबकि युद्ध से पहले इसकी कीमत 90-100 रुपये प्रति किलो थी।

    जालंधर प्लास्टिक मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के मुताबिक, एक सप्ताह पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति लीटर थी। अब 119 डॉलर तक पहुंच चुकी है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए सरवाइव करना मुश्किल हो चुका है। पिछले आठ दिनों की बात करें तो 33 रूपये के करीब प्लास्टिक दाने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। प्लास्टिक दाना महंगा होने के कारण उत्पादन क्षमता पर असर दिखना शुरु हो चुका है। प्लास्टिक उत्पाद महंगा होता है तो खरीददार ऑर्डर देने से गुरेज करेंगे। उत्पाद सस्ता होने का इंतजार है।

    बता दें, प्लास्टिक के उत्पाद प्रत्येक घरों के काम-काज में प्रयोग होते है। लोग भी महंगा उत्पाद खरीदने से गुरेज करते हैं। फिलहाल इंडस्ट्री के ऑर्डरों में भी दस से तीस फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। पंजाब में 700 से अधिक प्लास्टिक यूनिट है। प्रतिदिन 500 से 600 टन प्लास्टिक दाने की खपत होती है। उत्पाद तैयार करने में प्रयोग होता है। प्लास्टिक इंडस्ट्री ने नुकसान से बचने के लिए उत्पादन घटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

    जालंधर प्लास्टिक मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के प्रधान नरिंदर गुंबर ने कहा कि सप्ताह के भीतर दामों में इतना उछाल किसी भी उद्योगपति के लिए नुकसानदायक होगा। खाड़ी देशों में कच्चे तेल की आवाजाही बंद होने के कारण इंडस्ट्री का कारोबार प्रभावित हुआ है। देश में प्लास्टिक दाना तैयार करने वाली कंपनियां मनमर्जी से कीमतों को बढ़ा रही हैं, जिसका असर इंडस्ट्री पर पड़ता है।

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    जालंधर प्लास्टिक मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के वित्तीय सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि ईरान-इजरायल युद्ध का प्रभाव प्लास्टिक इंडस्ट्री पर पड़ा है। कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हो रही है। प्लास्टिक दाना नौ दिनों में चालीस फीसद बढ़ने से उत्पादन क्षमता पर असर पड़ा है। अगर इस कीमत में कच्चा माल खरीद कर प्लास्टिक का सामान बनाया तो महंगे दाम पर उसे मार्केट में ग्राहक नहीं मिलेगा।