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    जालंधर में मृत व्यक्ति की जमीन हड़पने का बड़ा फर्जीवाड़ा, पूर्व पार्षद का भी नाम आया सामने

    Updated: Sat, 17 Jan 2026 03:10 PM (GMT+05:30)

    जालंधर के नंगलशामा में एक मृत व्यक्ति जमुना दास की 17 मरले जमीन को कागजों में जिंदा दिखाकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। डीसी ...और पढ़ें

    मृतक को जिंदा बता 17 मरले जमीन खरीद के मामले में आया पूर्व पार्षद का नाम।

    मृतक को जिंदा बता 17 मरले जमीन खरीद के मामले में आया पूर्व पार्षद का नाम।

    HighLights

    1. मृत व्यक्ति की जमीन फर्जीवाड़े से रजिस्ट्री कराई गई।

    2. पूर्व पार्षद मनदीप जस्सल पर धोखाधड़ी का आरोप।

    3. जांच में भू-माफिया और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर।

    जागरण संवाददाता, जालंधर। नंगलशामा इलाके में भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है। मिलीभगत कर जमुना दास नामक एक मृत व्यक्ति को कागजों में जिंदा दिखाकर उसकी 17 मरले जमीन की रजिस्ट्री करवा दी गई। डीसी हिमांशु अग्रवाल के आदेश पर मुख्य आरोपित मनदीप कुमार के खिलाफ पर्चा करने की सिफारिश की गई है। इस फर्जीवाड़े में कांग्रेस के वार्ड नंबर 10 के पूर्व पार्षद रहे मनदीप कुमार जस्सल का नाम का सामने आ रहा है।

    जस्सल ने मौजूदा वार्ड नंबर आठ से पार्षद का चुनाव लड़ा था, जिसमें वो हार गए। जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि मनदीप कुमार जस्सल ने पूरे मामले की पटकथा लिखी थी। इस मामले में नंबरदार गुरदेव सिंह को डीसी के आदेश पर सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि उसे बर्खास्त करने के लिए विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    नंगलशामा निवासी जमुना दास की मई, 2023 में मौत हो चुकी थी। उन्हें मई, 2024 में तहसील कार्यालय में जिंदा दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई। भू-माफिया ने जमुना दास के नाम पर एक हमशक्ल खड़ा किया व उसके फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र तैयार किए। रजिस्ट्री के दौरान न केवल फर्जी गवाह पेश किए गए, बल्कि तहसील कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    17 मरले जमीन अपने नाम करवा मनदीप ने सात मरले बेची

    जिला रेवेन्यू अफसर नवदीप सिंह भोगल व सीएम फील्ड अफसर नवदीप सिंह द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपित मनदीप कुमार ने पहले मृतक जमुना दास बनकर 17 मरले जमीन अपने नाम करवाई।

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    इसके चार महीने बाद उसने उस जमीन में से सात मरला हिस्सा एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब असली जमुना दास के रिश्तेदारों (जो विदेश में रहते हैं) को इस बारे में पता चला, तब मामले की शिकायत डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल से की गई। इसके बाद डीसी के आदेश पर जांच शुरू की गई। डीसी के आदेश पर डीआरओ ने मनदीप कुमार के खिलाफ पर्चा दर्ज करने के लिए सीपी को पत्र लिख दिया है।

    इसके अलावा इंतकाल को रद कर जमीन को वापस मृतक के असली वारिसों के नाम करने की प्रक्रिया चल रही है। डीआरओ का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की धोखाधड़ी का नहीं है, बल्कि सिस्टम में गहरी पैठ बना चुके भू-माफियाओं का सुबूत है। भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

    पूरी जांच रिपोर्ट तथ्यों के आधार पर की: जांच अधिकारी

    मामले की गहनता से जांच करने वाले सीएमएफओ नवदीप सिंह का कहना है कि जांच में जमीन खरीदने व बेचने वालों को बुलाकर उनका बयान लिया गया था, लेकिन जमीन खरीद के लिए दिए गए रुपये व बीएमडब्ल्यू कार की बात का कहीं का कोई साक्ष्य नहीं पेश किया गया था। पूरी जांच रिपोर्ट फैक्ट फाइंडिंग के आधार पर दी गई है।

    जमीन मैंने खरीदी, मेरे पास सारे कागजात मौजूद हैं: मनदीप जस्स्ल

    पूर्व पार्षद मनदीप जस्सल का कहना है कि जमीन की खरीद उन्होंने ही की थी। उनके पास सौदे में देनदारी के सारे कागजात मौजूद हैं। जांच रिपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि यह जांच मेरी समझ से परे है, जिससे मेरी बदनामी हो रही है। जल्द ही मैं सारे कागजात लेकर डीसी डा. हिमांशु अग्रवाल से मिलकर अपना पक्ष रखने के साथ किसी सीनियर अफसर से जांच कराने की मांग करूंगा।