जालंधर में बारिश से 50 से ज्यादा सड़कों की हालत बिगड़ी, नई बनाने के लिए अप्रैल तक करना होगा इंतजार
जालंधर में पिछले एक सप्ताह की वर्षा से 50 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नगर निगम द्वारा किए गए रेडी-मिक्स पैचवर्क भी बेअसर साबित हुए हैं। सर्द ...और पढ़ें

कैप्शन: जालंधर में सड़कें खराब (फाइल फोटो)
HighLights
पिछले एक सप्ताह में वर्षा से 50 सड़कें क्षतिग्रस्त।
रेडी-मिक्स पैचवर्क बेअसर, हॉट मिक्सिंग प्लांट बंद।
निगम खरीदेगा 4 करोड़ की नई मरम्मत मशीन।
जागरण संवाददाता, जालंधर। पिछले एक सप्ताह में दो बार हुई वर्षा से सड़कों की हालत बिगड़ गई है। जो सड़कें सरफेस वाटर प्रोजेक्ट यह अन्य कारणों से निगम ने खुद तोड़ी हैं वहां पर तो सड़कों की हालत खराब है ही, इसके अलावा भी कई सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं।
कई सड़कें पूरी तरह उखड़ गई हैं तो कई जगह पैचवर्क बेअसर हो गया है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। अभी सर्दियों का मौसम है और मार्च के आखिर तक हाट मिक्सिंग प्लांट शुरू होने की संभावना कम है। ऐसे में अगले दो से तीन महीने लोगों को टूटी सड़कों पर चलाना होगा। नगर निगम छोटे गड्ढों को तो पैचवर्क से ठीक कर देगा लेकिन जहां सड़कें काफी ज्यादा टूट गई हैं वह अब दोबारा ही बनानी होगी।
वर्षा के कारण करीब 50 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। शहर की इन सड़कों को बनाने के लिए नगर निगम को बड़े बजट की भी जरूरत रहेगी। नगर निगम के लिए अप्रैल से जून तक के 3 महीने बेहद अहम रहने वाले हैं क्योंकि इस दौरान ही सड़कों का निर्माण हो पाएगा।
जुलाई महीने से फिर वर्षा शुरू हो जाती है और सड़क निर्माण रुक जाता है। इतनी सड़कों के निर्माण के लिए सरकार से फंड भी लाना जरूरी हो जाएगा। इस समय सबसे खराब हालत वाली सड़कों में जेपी नगर, केस पेट्रोल पंप के साथ वाली गलियों, लम्मा पिंड चौक, मिट्ठापुर, कुक्की ढाब, महावीर मार्ग शामिल हें। इसके अतिरिक्त सरफेस वाटर प्रोलेक्ट के लिए तोड़ी गई सड़कों को बनाना है। सरकार के लिए टूटी सड़कें परेशानी पैदा कर रही हैं।
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वर्षा में कामयाब नहीं रहे रेडी मिक्स मटीरियल का पैचवर्क
नगर निगम ने पिछले समय के दौरान पैचवर्क के लिए रेडी मिक्स मटेरियल इस्तेमाल किया है। यह लुक और बजरी का तैयार मटीरियल होता है। करीब 80 लाख रुपए इस पर खर्च किए गए हैं लेकिन सड़कों की हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। रेडी मिक्स मटेरियल इमरजेंसी में तुरंत गड्ढों को भरने का काम करता है लेकिन लंबे समय के लिए यह टिकाऊ साबित नहीं हो रहे।
सर्दियों में नगर निगम के पास सड़कों के पैच वर्क के लिए कोई ज्यादा इंतजाम नहीं होता क्योंकि हॉट मिक्सिंग प्लांट बन जाते हैं। नगर निगम के पास छोटी मशीन नहीं है इसलिए रेडी मिक्स मटेरियल से गड्ढों को तुरंत भरा जा रहा है लेकिन वर्षा के दौरान जल्द ही यह पैच उखड़े जाते हैं।
रेडी मिक्स मटीरियल इस्तेमाल करने की बजाय अगर नगर निगम पुराने तकनीक को ही अपडेट करके पैचवर्क करे तो यह लंबे समय तक टिकाऊ साबित हो सकते हें। निगम कई ऐसी सड़कों को दो से तीन साल बाद दोबारा बनाता है जो रिपेयर के बाद दो से तीन सरल चल सकती है। इन सड़कों के निर्माण पर होने वाला खर्च बिल्कुल टूट चुकी सड़कों पर खर्च किया जा सकता है।
रिपेयर के लिए निगम खरीदेगा मशीन, तीन साल चलेगा पैचवर्क
नगर निगम सड़कों के पैचवर्क के लिए अपनी छोटी मशीन खरीदेगा। मेयर वनीत धीर की योजना है कि कम टूटी सड़कों को नया बनाने की जगह बेहतर ढंग से रिपेयर किया जाए ताकि यह अगले दो से तीन साल के लिए ठीक रहे। इसी वजह से नरग निगम ने मशीन खरीदने की प्लानिंग की है। निगम एसई रजनीश डोगरा ने कहा कि पैचवर्क के लिए एक मशीन खरीदेंगे।
मेयर ने भी बताया है कि यह मशीन सड़कों के गड्ढों को मजबूती से भरेगी और तीन साल की गारंटी होगी। यह मशीन करीब 2.50 करोड़ की बताई जा रही है। मटीरियल समेत करीब 4 करोड़ की आएगी। रिपेयर होने से सड़कों के नव निर्माण पर पैसा कम लगेगा।
यह मशीन गुुड़गाव, जयपुर, चेन्नई में इस्तेमाल हो रही है। निगम की यह मशीन इंफ्रारेड-रे से काम करेगी। निगम एक एप विकसित करेगा। एप पर लोगों से शिकायत लेंगे। शिकायत मिलने के 48 घंटे में कंपनी सड़क रिपेयर करेगी। मेयर ने कहा कि इससे निगम के पैसे की बचत होगी और वह दूसरे जरुरी कार्याें पर खर्च किए जा सकेंगे। जिस भी कंपनी की मशीन ठीक लगेगी, उस कंपनी की मशीन से पहले शहर में ट्रायल करवाएंगे। इस मशीन से लगने वाला पैच सड़क के बराबर समतल होगा और क्वालिटी भी अच्छी हाेगी।
पैचवर्क कार्यों में और सुधार करेंगी: एसई
नगर निगम के एसई रजनीश डोगरा का कहना है कि रेडी मिक्स मटीरियल सड़कों को इमरजैंसी में रिपेयर करने के लिए अच्छा है। पानी से इसे नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम इसे सर्दियों में विकल्प तौर पर इस्तेमाल करता है क्योंकि गड्ढों को इससे भरना आसान रहता है। सर्दियों में प्लांट बंद रहते हैं और लुक-बजरी को गर्म करके रिपेयर करना संभव नहीं होता। नई मशीन खरीदने की बात चल रही है। मशीन खरीद ली जाती है तो निगम को काफी फायदा होगा।