LPU हिंसा: SIT ने 30 छात्रों से की पूछताछ, किसी को नहीं पता था पीड़िता का नाम; साजिश की आशंका गहरायी
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा उत्पीड़न की अफवाह के बाद हुए प्रदर्शन की जांच कर रही एसआईटी ने 30 से ...और पढ़ें
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एसआईटी ने 30 विद्यार्थियों से की पूछताछ, किसी को पीड़िता का नाम पता नहीं।
HighLights
एसआईटी ने 30 से अधिक छात्रों से की पूछताछ।
पूछताछ में पीड़िता की पहचान का कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस अभी तक अफवाह फैलाने वाले का पता नहीं लगा पाई।
सुक्रांत, जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के एक हास्टल में छात्रा के उत्पीड़न की अफवाह के बाद प्रदर्शन, लूटपाट व हिंसा के तीसरे दिन भी पुलिस इसके पीछे की साजिश से पर्दा नहीं उठा पाई है। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने मंगलवार को इस प्रदर्शन से जुड़े 30 से अधिक छात्रों से पूछताछ की।
सभी से सबसे पहले यही सवाल किया गया कि हास्टल में जिस छात्रा का उत्पीड़न हुआ था, उसका नाम क्या है। वह कौन है। पूछताछ में शामिल एक भी छात्र को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
यही नहीं छात्रा से दुष्कर्म की अफवाह इंटरनेट मीडिया व छात्रों के बीच फैलाने वाले तक भी पुलिस तीसरे दिन भी नहीं पहुंच पाई। फेज मैसेज कहां से किसने भेजा था पुलिस उसका आइपी एड्रेस अभी पता नहीं लगा पाई है। आइपी एड्रेस से ही पुलिस साजिश रचने वाले तक पहुंच पाएगी।
इस मामले में पुलिस ने एफआइआर में जिस छात्रा का जिक्र किया है, बताया जा रहा है कि पुलिस को वह भी नहीं मिली है। पुलिस ने यह केस धने में शामिल दो छात्राओं व एक छात्र के बयान पर दर्ज किया था। एक खुशी नाम की छात्रा महेड़ू के सतनामपुरा में एक हास्टल के कमरा नंबर 319 की बताई गई थी लेकिन पुलिस को वहां पर वह भी नहीं मिली है।
हास्टल में मौजूद और आसपास रहने वाली छात्राओं से भी उसके बारे में पूछताछ की गई लेकिन वह नहीं मिली। न कोई पीडि़ता है न उसकी शिकायतकर्ता। इस पूरे मामले में बड़ी साजिश सामने आ रही है, जिसमें बाहरी गुंडातत्व शामिल हैं।
इस संबंध में डीएसपी मेजर सिंह जो एसआईटी के सदस्य भी हैं, ने कहा कि वहां पर आरोप लगाने वाले प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राओं के कहने पर यह मामला दर्ज किया गया था। खुशी वहां पर पीड़िता की जानकार बताई जा रही थी। अब उसकी तलाश की जा रही है। अब जांच का फोकस उस ‘खुशी’ की तलाश पर भी है, जिसका नाम मामले से जोड़कर सामने आया है।
छात्र बोले- इंटरनेट मीडिया पर मैसेज देख हुए शामिल
एसआईटी ने मंगलवार को 30 से अधिक छात्रों को पूछताछ की। पूछताछ में शामिल छात्रों में से कोई भी पुलिस को ऐसी जानकारी नहीं दे सका, जिससे पीड़िता का पता चल सके।
छात्रों ने बताया कि उन्हें इंटरनेट मीडिया पर मैसेज से दूसरों से सुनकर पता चला कि छात्रा से दुष्कर्म हुआ है, इसलिए वह भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके अलावा पुलिस हास्टलों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल चुकी है लेकिन इसमें कोई सुबूत नहीं सामने आया है।
