जालंधर में सरसों के तेल की कीमतों में उछाल, एक हफ्ते में 8 रुपये प्रति किलो महंगा हुआ तेल; रसोई का बजट बिगड़ा
जालंधर में एक सप्ताह के भीतर सरसों के तेल की कीमतों में 8 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है, जिससे ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड दोनों तरह के तेल महंगे हो ग ...और पढ़ें
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जालंधर में सरसों के तेल की कीमतों में उछाल (AI Generated फोटो)
शाम सहगल, जालंधर। सप्ताह भर के भीतर ही सरसों के तेल के दामों में आठ रुपए प्रति किलो का इजाफा हो गया है। माह के शुरूआत में जो ब्रांडेड सरसों के तेल की बोतल 190 रुपये में बिक रही थी, उसके दाम बढ़कर 198 रुपये हो गए है।
यहीं, स्थिति नान ब्रांडेड सरसों के तेल की भी है। जो पहले 160 से 165 रुपये में प्रति बोतल बेची जाती थी, उसके दाम इन दिनों 170 से 175 रुपये तक पहुंच चुके है। तेल के थोक कारोबारी दामों में बढ़ोतरी का कारण इस बार सीड की फसल कम होने व सप्लाई बाधित बता रहे है।
लिहाजा, करीब डेढ़ माह के बाद सीड की नई फसल की आमद शुरू होने के बाद दामों में गिरावट की कयास लगाई जा रही है। वहीं, सरसों के तेल के दामों में बढ़ोतरी के बाद रसोई के बजट में इजाफा जरूर हो गया है।
खाड़ी देशों में युद्ध के चलते महंगे हुए एलपीजी के बाद घर में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले सरसों के तेल के दामों में इजाफे का असर घर की रसोई के बजट पर पड़ गया है। व्यापारियों के मुताबिक सीड की कमी के चलते दाम बढ़े हैं।
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इस बारे में मंडी फैंटनगंज के कारोबारी राजेश सोनी बताते है कि सरसों के तेल के लिए सीड की सप्लाई गुजरात से होती है। लेकिन गुजरात में इस बार सीज की फसल कम होने के कारण सप्लाई बाधित हुई है। जिसके चलते ब्रांडेड तथा नान ब्रांडेड दोनों तरह के सरसों के तेल के दाम में इजाफा हो गया है।
घर का बजट ही नहीं थोक कारोबार भी हुआ प्रभावित
रिटेल में जहां प्रति बोतल आठ रुपये के करीब बढ़े है तो थोक में 15 किलो के टीन में सौ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। यहीं कारण है कि सरसों के तेल के दामों में बढ़ोतरी का असर थोक के कारोबार पर भी पड़ा है।
इस बारे में मंडी फैंटनगंज के ही कारोबारी राज कुमार ने कहा कि जो रिटेल कारोबारी सरसों के तेल के टीन (15 किलो पैक) एक साथ 10 से 15 खरीदते थे, वह अब पांच से आठ तक आ गए है।
रिटल कारोबारी भी दामों में गिरावट होने की कयास लगाए हुए है, जिससे वह एडवांस स्टाक रखने की बजाए बिक्री के मुताबिक ही आर्डर दे रहे है। हालांकि, थोक कारोबारियों का मार्जिन तो पहले की तरह ही है, लेकिन बिक्री प्रभावित हो गई है।
गैस के बाद तेल की कीमतों से बढ़ा बजट
इस बारे में गृहणी तरविंदर कौर तनु बताती है कि पहले रसोई गैस की कीमतों में इजाफा किया गया है व अब सरसों के तेल के दाम बढ़ा दिए गए है। जिससे रसोई का बजट बढ़ गया है। माह भर के भीतर ही प्रति माह तीन सौ से अधिक का बजट बढ़ गया है। जिस पर सरकार को ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
| तेल का प्रकार और पैकिंग (Item) | पहले के दाम (Old Price) | अब के दाम (New Price) | कीमतों में बढ़ोतरी (Increase) |
| नॉन-ब्रांडेड तेल (1 लीटर बोतल) | ₹160 से ₹165 | ₹170 से ₹175 | ₹10 प्रति बोतल |
| ब्रांडेड तेल (1 लीटर बोतल) | ₹190 | ₹198 | ₹8 प्रति बोतल |
| नॉन-ब्रांडेड सरसों तेल (टीन) | ₹2,250 | ₹2,475 | ₹225 प्रति टीन |
| ब्रांडेड सरसों तेल (टीन) | ₹2,700 | ₹2,850 | ₹150 प्रति टीन |