डेरा बल्लां में नतमस्तक होंगे PM मोदी, पंजाब चुनाव से पहले बिछने लगी सियासी बिसात; इन वोटों को साधने की कोशिश
प्रधानमंत्री मोदी गुरु रविदास प्रकाश पर्व पर डेरा सचखंड बल्लां जा रहे हैं। यह दौरा पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले दोआबा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ ...और पढ़ें
-1769881043009_m.webp)
डेरा बल्लां में नतमस्तक होंगे PM मोदी। फाइल फोटो
HighLights
प्रधानमंत्री मोदी गुरु रविदास प्रकाश पर्व पर डेरा बल्लां जाएंगे।
दोआबा क्षेत्र में रविदासिया समुदाय का बड़ा राजनीतिक प्रभाव।
आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास पर रखने की मांग।
दिनेश शर्मा, जालंधर। पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए अभी करीब एक साल का समय है। दोआबा क्षेत्र में अभी से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। दोआबा क्षेत्र जिसे पंजाब की एनआरआई बेल्ट भी कहा जाता है और इसी इलाके में सबसे अधिक अनुसूचित जाति की आबादी करीब 42 प्रतिशत है। इसमें करीब 14 से 15 प्रतिशत रविदासिया समाज के लोग हैं।
दोआबा क्षेत्र में विधानसभा की 23 सीटें आती हैं और इन अधिकतर सीटों पर रविदास बिरादरी का प्रभाव रहता है। जालंधर स्थित डेरा श्री सचखंड बल्लां रविदासिया समाज की आस्था, श्रद्धा का केंद्र है। श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद डेरा सचखंड बल्लां पहुंच रहे हैं।
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत करने मात्र तक सीमित नहीं रहने वाला है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री के डेरा बल्लां आने से एकाएक दोआबा क्षेत्र में राजनीति तेज हो गई और चुनाव से एक साल पहले ही सियासी बिसात बिछना शुरू हो गई है।
आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेता पिछले कुछ दिन से श्री गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व से संबंधित समारोहों में शीश झुकाने पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री इस दौरान आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर करने की मांग को भी पूरा करने वाले हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरान दोआबा में भाजपा को एक बड़ा प्रोत्साहन साबित हो सकता है।
खबरें और भी
आप सरकार की पहल भी दे रही पुख्ता संदेश
श्री गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व पर वाराणसी में होने वाले समारोह के लिए जालंधर से बेगमपुरा एक्सप्रेस हर साल रवाना होती है। इसमें करीब डेढ़ हजार से अधिक श्रद्धालु जाते हैं। इस ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा सहित कई आप नेता खुद रेलवे स्टेशन पहुंचे थे।
यही नहीं, उसी दिन वित्त मंत्री ने खुद तहसील कार्यालय में मौजूद रहकर सचखंड डेरा बल्लां के अध्ययन केंद्र के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवाई। प्रकाश पर्व से एक दिन पहले मुख्यमंत्री खुद जालंधर पहुंचे थे और उन्होंने जालंधर से पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप की राशि वितरित करने की शुरुआत की।
इसके अलावा प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर आमदपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने की मांग उठाई जाने लगी।
कांग्रेस के पास भुनाने को पूर्व सीएम चन्नी का चेहरा
पंजाब में अब तक कांग्रेस के सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दलित राजनीति का प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। जालंधर लोकसभा से सांसद बनने के बाद दोआबा क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत हुई है, जहां के 9 हलके में दलित मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं।
चन्नी पहले भी अक्सर सचखंड डेरा बल्लां जाकर आशीर्वाद लेते रहे हैं। कांग्रेस बीते चुनाव में भी चरणजीत सिंह चन्नी के चेहरे के सहारे वोट बैंक की सियासत को आजमा चुकी है। चन्नी भी बेगमपुरा एक्सप्रेस से श्रद्धलुओं की रवानगी से लेकर शोभा यात्रा में सक्रिय नजर आए।
वहीं, उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर सार्वजनिक छुट्टी घोषित किए जाने की मांग रखी है। वह भी आदमपुर एयरपोर्ट के नाम का मुद्दा उठा चुके हैं।
सुखबीर बादल भी शोभा यात्रा में पहुंचे
शिअद के प्रमुख एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल भी शनिवार को निकाली गई शोभा यात्रा में शरीक हुए। बूटा मंडी स्थित श्री गुरु रविदास धाम में नतमस्तक होने के साथ ही शोभा यात्रा में समूलियत के साथ ही कोई भी राजनीतिक बयानबाजी से परहेज की बात कहते हुए संदेश देना चाहा कि वो सिर्फ धार्मिक कार्यकेम में शरीक होने आए हैं।
दोआबा के 23 हलका में किसका कितना प्रभाव
पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में दलित वोट बैंक का हिस्सा करीब 32 से 35 फीसदी है। इसमें दोआबा क्षेत्र में आते 23 हलका में से कई सीटों पर 40 फीसदी तक दलित वोट बैंक का दबदबा है। जहां दलित वोट बैंक अकसर चुनाव के निर्णायक की भूमिका में होता है।
- -जालंधर : 9 हलका
- कांग्रेस के 5 व आप के 4
- -होशियारपुर : 7 हलका
- आप के 5, कांग्रेस व भाजपा के एक-एक
- -नवांशहर : 3 हलका
- आप, बसपा व शिअद के एक-एक
- -कपूरथला : 4
- कांग्रेस के 3 व आजाद के एक