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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शाहरुख खान की 'डंकी' का जालंधर से खास कनेक्शन, हवाई जहाज से जुड़ा है रोचक किस्सा; गांव में ही हुई गाने की शूटिंग

    By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Thu, 21 Dec 2023 12:13 PM (IST)

    Dunki Movie 21 दिसंबर को मल्टीप्लेक्स तथा सिनेमाघर में रिलीज हुई शाहरुख खान (Actor Shahrukh Khan) अभिनीत फिल्म डंकी (Danki Movie) का जालंधर से खास क ...और पढ़ें

    शाहरुख खान की 'डंकी' का जालंधर से खास कनेक्शन
    शाहरुख खान की 'डंकी' का जालंधर से खास कनेक्शन

    HighLights

    1. शाहरुख खान की 'डंकी' का जालंधर से खास कनेक्शन
    2. घर की छतों पर बने एरोप्लेन से प्रेरित
    3. 'लूट पुट गया' गाना भी जालंधर के गांवों में हुआ शूट
    4. डायरेक्टर ने गुरुद्वारा बाबा निहाल सिंह का भी किया जिक्र

    जागरण संवाददाता, जालंधर। Jalandhar News: बॉलीवुड के किंग खान ( Bollywood King Khan) की इस साल सिनेमाघरों में आज तीसरी फिल्म रिलीज हुई है।

    21 दिसंबर को मल्टीप्लेक्स तथा सिनेमाघर में रिलीज हुई शाहरुख खान (Actor Shahrukh Khan) अभिनीत फिल्म डंकी (Danki Movie) का जालंधर से खास कनेक्शन है। दरअसल, डंकी फिल्म जालंधर के घरों की व्यापकता तथा कई जगहों पर घर की छतों पर सीमेंट से बने हवाई जहाज की संरचनाओं से प्रेरित है।

    'लूट पुट गया' गाना भी जालंधर के गांवों में हुआ शूट

    मीडिया पर प्रसारित निदेशक राज कुमार हिरानी ने अपने साक्षात्कार में इस तथ्य को बयां किया है। फिल्म का गीत 'लूट पुट गया' (Lut Put Gaya) गांव में शूट किया गया है, जहां घर की छतों पर अलग-अलग आकृतियों में वाटर टैंक भी मौजूद हैं।

    इस वर्ष में 'पठान' तथा 'जवान' के बाद शाहरुख खान की तीसरी फिल्म 'डंकी' वीरवार को रिलीज हो गई। जिसकी पृष्ठभूमि जालंधर के गांव भुपपा उप्पल के घरों की छतों पर बने सीमेंट के एरोप्लेन से जुड़ी है।

    डायरेक्टर ने गुरुद्वारा बाबा निहाल सिंह का भी किया जिक्र

    फिल्म को लेकर अभिव्यक्ति बयां कर रहे राज कुमार हिरानी ने जालंधर के ही गांव तलहन में स्थित गुरुद्वारा बाबा निहाल सिंह जी का जिक्र भी किया है। जिसमें खिलौने वाले जहाज को चढ़ाने की परंपरा का जिक्र किया गया है।

    बताया जाता है कि ऐसा करने से गुरु की कृपा से विदेश जाने के चाहवानों को वीजा आसानी से प्राप्त हो जाता है। हालांकि एसजीपीसी के निर्देशों के बाद अब इस गुरुद्वारा साहिब में जहाज नहीं चढ़ाया जाता।

    क्यों बने हैं घरों की छत पर प्लान

    लिहाजा आज भी संगत यहां पर विदेश जाने की मन्नत मांगने के लिए नतमस्तक होने पहुंचती है। हिरानी ने जालंधर के कई गांव की छतों पर सीमेंट संरचित एरोप्लेन का तर्क भी दिया है। जिसमें वह बताते हैं कि घर की छत पर सीमेंट संरचित एरोप्लेन का अर्थ उस घर के किसी एक या एक से अधिक सदस्यों का विदेश गए होने को बयां करता है।

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    गुरुद्वारा साहिब नतमस्तक होने पहुंचे थे टीम सदस्य

    गुरुद्वारा बाबा निहाल सिंह जी तलहन के मैनेजर बलजीत सिंह बताते हैं कि फिल्म टीम के कई सदस्य गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि गुरु का घर सभी के लिए खुला है।

    उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के निर्देशों के बाद सेवादारों द्वारा अब लोगों को यहां पर खिलौने वाला जहाज न चढ़ाने का आग्रह किया जाता है। लिहाजा संगत वीजा हासिल करने को लेकर मन्नतें मांगने के लिए आते हैं।

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