कपूरथला में बैसाखी पर ब्यास नदी में नहाने गए थे चाचा-भतीजा, डूबने से दोनों की मौत; गांव में पसरा मातम
बैसाखी के दिन कपूरथला के बुताला गांव में एक दुखद घटना हुई, जहां चाचा-भतीजा ब्यास नदी में डूब गए। वे बैसाखी स्नान के लिए आए थे, लेकिन तेज बहाव के कारण ...और पढ़ें

कपूरथला में बैसाखी पर ब्यास नदी में नहाने गए थे चाचा-भतीजा, डूबने से दोनों की मौत (जागरण फाइल)
HighLights
बैसाखी स्नान के दौरान ब्यास नदी में डूबे
कपूरथला के बुताला गांव में चाचा-भतीजा की मौत
एनडीआरएफ ने साढ़े तीन घंटे में शव निकाले
जागरण संवाददाता, ढिलवां(कपूरथला)। बैसाखी के दिन मंगलवार को उस समय कोहराम मच गया, जब गांव बुताला के चाचा-भतीजा दरिया ब्यास में डूब गए। दोनों गांववालों के साथ गांव बुताला व चक्कोकी मंड के बीच स्थित दरिया ब्यास में बैसाखी पर नहाने के लिए आए थे।
घटना की सूचना मिलते ही थाना ढिलवां की पुलिस मौके पर पहुंची और एनडीआरएफ व गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाकर शवों की तलाश शुरू कर दी। करीब साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव दरिया ब्यास से निकाले गए। थाना ढिलवां की पुलिस ने दोनों शव परिजनों को सौंप दिए हैं। इस दुखद घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों की पहचान रमनदीप सिंह (22) पुत्र बूटा सिंह और गुरदेव सिंह (30) पुत्र तरसेम सिंह निवासी गांव बुताला के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को बैसाखी पर्व पर दरिया ब्यास में स्नान करने के लिए गांव बुताला से ट्राली भरकर बुताला-चक्कोकी मंड के बीच दरिया किनारे पहुंचे। इनमें काफी तादाद में महिलाएं भी शामिल थीं।इस दौरान संगत के साथ रमनदीप सिंह व गुरदेव सिंह भी दरिया में स्नान कर रहे थे कि दरिया में पानी का बहाव ज्यादा होने के चलते दोनों में से एक डूबने लगा तो दूसरे ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों ही तेज बहाव के साथ बह गए और संगत ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंचे थाना ढिलवां के एसएचओ दलविंदरबीर सिंह ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिली कि मंड बुताला और चक्कोकी के बीच दरिया में नहाते समय दो युवक डूब गए हैं। इस पर वह पुलिस फोर्स को लेकर पहुंचे और एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम को सूचना दी।
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दोनों टीमों ने मौके पर पहुंच कर करीक साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव दरिया से बाहर निकाले। उन्हाेंने बताया कि मृतक चाचा-भतीजा थे। दोनाें के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। उधर, इस दुखद घटना से गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस हादसे से गांव और इलाके में मातम पसर गया है।
त्यौहार पर हर साल होते हैं ऐसे हादसे
कपूरथला में त्यौहार पर दरिया ब्यास या नदियों के किनारे इस तरह के हादसे हर साल होते हैं। ढिलवां ही नहीं, सुल्तानपुर लोधी के मंड एरिया में भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं। बावजूद इसके लोग नदियों में नहाने जाने से बाज नहीं आ रहे हैं।