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ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का झांसा दिया, इंडोनेशिया में पंजाब-राजस्थान के 34 युवा फंसे; 3 करोड़ का हुआ फ्रॉड

Published: Sat, 05 Sep 2026 11:51 AM (IST)

ऑस्ट्रेलिया में नौकरी का झांसा देकर पंजाब और राजस्थान के 34 नौजवान इंडोनेशिया के तिमोर लेस्ते भेजे गए। परिवारों ने ...और पढ़ें

इंडोनेशिया में फंसे युवा।

इंडोनेशिया में फंसे युवा।

HighLights

  1. ऑस्ट्रेलिया नौकरी का वादा, तिमोर लेस्ते में फंसे युवा।

  2. एजेंटों ने 3 करोड़ रुपये ठगे, बंधक बनाकर रखा।

  3. सांसद सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी।

जागरण संवाददाता, कपूरथला। आस्ट्रेलिया में रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गए पंजाब के 33 और राजस्थान के एक नौजवान के पिछले करीब पांच से छह महीने से तिमोर लेस्ते में फंसे होने का मामला सामने आया है। पीड़ित आठ परिवारों ने राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल से वीडियो काल के जरिए संपर्क कर अपने बच्चों की सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई है।

निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचे परिवारों ने बताया कि एजेंटों ने आस्ट्रेलिया में रोजगार दिलाने का भरोसा देकर प्रत्येक परिवार से करीब पांच से 11 लाख रुपये लिए। आठ परिवारों से ली गई रकम करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। परिवारों का आरोप है कि उन्होंने घर, जमीन और गहने गिरवी रखकर कर्ज लिया और एजेंटों को रकम दी।

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6 दिन के सफर के बाद तिमोर लेस्ते भेजा

परिवारों के अनुसार, नौजवानों को भारत के अलग-अलग हवाई अड्डों से दो से छह दिन के सफर के बाद बाली और मलेशिया के रास्ते तिमोर लेस्ते भेजा गया। वहां एजेंटों ने उन्हें बाघापुराना के रहने वाले विजय नामक व्यक्ति के हवाले कर दिया। आरोप है कि विजय ने उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें बंधक बनाकर रखा।

पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि नौजवानों को डराया-धमकाया जाता था, उनकी मर्जी के खिलाफ काम करवाया जाता था और मेहनत की कमाई भी रोक ली जाती थी। जरूरी भोजन नहीं मिलने की शिकायत भी परिवारों ने की है।

34 युवा अभी भी फंसे, 10 लौटे

परिवारों के मुताबिक, नौजवानों ने एकजुट होकर विरोध किया तो उन्हें पासपोर्ट वापस मिले। इसके बाद स्थानीय पुलिस द्वारा विजय नामक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। अब तक करीब 10 नौजवान अपने प्रयास और खर्चे पर भारत लौट चुके हैं, जबकि 34 अभी भी वहां फंसे बताए जा रहे हैं।

फंसे नौजवानों में मोगा के आठ, जालंधर के सात, फिरोजपुर के छह, लुधियाना के पांच, फाजिल्का के दो तथा तरनतारन, कपूरथला, पटियाला और जलालाबाद से एक-एक नौजवान शामिल हैं। एक नौजवान राजस्थान का बताया जा रहा है।

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लौटे युवाओं ने सुनाई आपबीती

जालंधर के संदीप सिंह और राजप्रीत सिंह ने बताया कि पासपोर्ट लेने के बाद उन्हें डराया-धमकाया जाता था और मर्जी के खिलाफ काम करवाया जाता था। मेहनत की पूरी कमाई नहीं दी जाती थी और कई बार कम भोजन में गुजारा करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि विजय पहले भी कई नौजवानों को वहां बंधक बनाकर रख चुका है।

नौजवानों की वीडियो सामने आने के बाद मामला सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल तक पहुंचा। इन दिनों इंग्लैंड में मौजूद सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर फंसे नौजवानों की भारत वापसी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।

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