कपूरथला में वॉट्सऐप के जरिए ठगी, 4 लाख से अधिक का लगाया चूना; आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
कपूरथला में एक व्यक्ति तरसेम सिंह वॉट्सऐप ठगी का शिकार हुआ। जालसाज ने फर्जी बैंक ट्रांसफर का एसएमएस भेजकर 4.85 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर स ...और पढ़ें

कपूरथला में वॉट्सऐप के जरिए ठगी।
HighLights
कपूरथला में वॉट्सऐप के जरिए 4.85 लाख की ठगी।
जालसाज ने फर्जी बैंक ट्रांसफर SMS का उपयोग किया।
फिरोजपुर निवासी सरवन सिंह के खिलाफ FIR दर्ज।
जागरण संवाददाता, कपूरथला। एक व्यक्ति के साथ वॉट्सऐप के जरिये ठगी होने का मामला सामने आया है। जिसमे जालसाज ने फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन का एसएमएस भेजकर 4.85 लाख रुपये ठग लिये।
पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिक जांच उपरांत फिरोजपुर निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव झुग्गियांबंधु निवासी तरसेम सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले उसके मोबाइल के वॉट्सऐप पर एक अज्ञात व्यक्ति ने दो अलग-अलग नंबरों ( 19029372852), ( 15064068565) से संपर्क किया। उसने दावा किया कि उसने गलती से तरसेम सिंह के खाते में 23,12,890 रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं।
इसके समर्थन में उसने एचएसबीसी बैंक का मनी ट्रांसफर एसएमएस भी वॉट्सऐप पर भेजा और दावा किया कि यह रकम 24 घंटे में खाते में पहुंच जाएगी। आरोपी जालसाज ने भरोसा जीतने के लिए अपना खाता नंबर और आइएफएससी कोड भी साझा किया, लेकिन कुछ समय बाद ही उसने खुद को रुपयों की बेहद जरूरत होने का हवाला देते हुए तरसेम सिंह से 4.85 लाख रुपये की मांग की और भरोसा दिलाया कि उसके (जालसाज) द्वारा भेजी गई 23,12,890 की रकम जब खाते में आ जाएगी तो उसमें से यह रकम काट लेना।
पीड़ित ने झांसे में आकर उसके एचएसबीसी बैंक के खाते में 4.85 लाख ट्रांसफर कर दिए, लेकिन जब 24 घंटे के बाद भी जालसाज द्वारा भेजे 23,12,890 रुपये नहीं आये तो उसको आभास हुआ कि उसके साथ ठगी हो गई है। पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज करवाई।
जांच अधिकारी एएसआई सूरत सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के दौरान एचएसबीसी बैंक से जालसाज के खाते बारे जानकारी हासिल की गई तो वह खाता फिरोजपुर के गांव सांगा खुर्द निवासी सरवन सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह के नाम पर है।
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इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी सरवन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी को सात दिन का नोटिस भेजकर बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।