लुधियाना की रोलिंग मिल में धमाका, एक मजदूर की मौत और पांच झुलसे; लोहा पिघलाने के दौरान हुआ हादसा
खन्ना के अलौड़ गांव में एचएल चोपड़ा स्टील रोलिंग मिल की फर्नेस इकाई में हुए धमाके में एक मजदूर की ...और पढ़ें
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लुधियाना की रोलिंग मिल में धमाका। फोटो जागरण
HighLights
खन्ना की स्टील मिल में फर्नेस धमाका हुआ।
हादसे में एक मजदूर की मौत, पांच झुलसे।
सुरक्षा इंतजामों पर सवाल, पुलिस जांच करेगी।
संवाद सहयोगी, खन्ना। खन्ना के भादला रोड स्थित गांव अलौड़ में एचएल चोपड़ा स्टील रोलिंग मिल की फर्नेस इकाई में शनिवार सुबह हुए हादसे एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से झुलस गए। फर्नेस में लोहा पिघलाने के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ और गर्म पिघला मटेरियल उछलकर वहां काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरा।
हादसे में राकेश कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर घायल हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें डीएमसी अस्पताल रेफर किया गया है। हादसा सुबह करीब नौ से दस बजे के बीच हुआ।
बताया जा रहा है कि फर्नेस में इंगट और बिलेट तैयार करने के लिए लोहा पिघलाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान पिघले मटेरियल में पाइप, शाकर या किसी अन्य धातु का टुकड़ा रह जाने से गैस बनने की आशंका है। गैस के दबाव से अचानक उबाल आया और गर्म मटेरियल के छींटे मजदूरों पर जा गिरे। धमाके जैसी आवाज सुनते ही मिल में अफरा-तफरी मच गई।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल फर्नेस में काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा इंतजामों को लेकर खड़ा हो गया है। पिघली धातु के साथ काम करने वाली इकाइयों में तापरोधी सुरक्षा उपकरण, सुरक्षित कार्य दूरी, प्रशिक्षित कर्मचारियों, कच्चे माल की जांच और आपातकालीन बचाव व्यवस्था बेहद अहम होती है।
ऐसे में अब जांच का विषय है कि हादसे के समय मजदूरों को निर्धारित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं और फर्नेस संचालन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकाल का कितना पालन किया जा रहा था। हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को खन्ना नर्सिंग होम पहुंचाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद तीन मजदूरों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें डीएमसी रेफर किया गया। उपचार के दौरान राकेश कुमार ने दम तोड़ दिया। बाकी घायल मजदूरों का इलाज जारी है।
मिल मालिक ने गैस बनने को बताया हादसे का कारण
मिल मालिक गौरव चोपड़ा के अनुसार हीटिंग प्रक्रिया के दौरान इंगट और बिलेट तैयार किए जा रहे थे। पिघले मटेरियल में पाइप या शॉकर जैसा छोटा टुकड़ा रह जाने से गैस बनने और अचानक उबाल आने की वजह से गर्म मटेरियल के छींटे मजदूरों पर पड़े।
उन्होंने कहा कि घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। सुरक्षा इंतजामों के संबंध में उन्होंने कहा कि फर्नेस में मटेरियल काफी अधिक तापमान पर होता है और सेफ्टी किट से भी इसका प्रभाव पूरी तरह रोक पाना मुश्किल होता है।
पुलिस करेगी जांच, बयान के बाद तय होगी कार्रवाई
थाना सदर के एसएचओ पवित्र सिंह ने बताया कि हादसे में छह मजदूर घायल हुए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई है। पुलिस घायलों के बयान दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मजदूर की मौत के बाद अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
यह जांच जरूरी है कि मिल में सुरक्षा नियमों और औद्योगिक मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा था। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर मिल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। साथ ही क्षेत्र की अन्य रोलिंग मिलों में भी फर्नेस और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
