पहली बारिश में ही हलवारा एयरपोर्ट की छत से टपका पानी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
70 करोड़ की लागत से बना हलवारा एयरपोर्ट पहली ही तेज बारिश और तूफान में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे छत से पानी टपकने और शीट्स उखड़ने की घटनाएँ सामने आईं। ...और पढ़ें

पहली बारिश में ही हलवारा एयरपोर्ट की छत से टपका पानी (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, लुधियाना। करीब 70 करोड़ रुपये से बना हलवारा एयरपोर्ट टर्मिनल शनिवार को आए तेज तूफान और बारिश की पहली बड़ी परीक्षा में ही लड़खड़ाता नजर आया। आंधी से टर्मिनल भवन पर लगी कुछ शीट्स उखड़कर लटक गईं, जबकि कई स्थानों पर छत से पानी टपकने लगा।
घटना के बाद एयरपोर्ट टर्मिनल की गुणवत्ता और निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इंटरनेट मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एयरपोर्ट परिसर के विभिन्न हिस्सों में पानी रिसता दिखाई दे रहा है। वहीं मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपर लगे शेड की शीट्स भी क्षतिग्रस्त नजर आईं।
लोगों का कहना है कि जिस एयरपोर्ट को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं का प्रतीक बताया जा रहा था, वह पहली तेज बारिश और तूफान भी नहीं झेल सका। गौरतलब है कि लंबे इंतजार के बाद हलवारा एयरपोर्ट से 15 मई को उड़ान सेवाएं शुरू हुई थीं। एक फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था।
वर्तमान में एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। उद्घाटन के समय इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट बताया गया था, लेकिन पहली ही बारिश के बाद सामने आई तकनीकी खामियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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एंट्री प्वाइंट से लेकर कमरों तक पहुंचा पानी
जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट के एंट्री प्वाइंट पर लगी लाइट्स के आसपास से पानी रिसता दिखाई दिया। इसके अलावा टर्मिनल के भीतर बने कुछ कमरों में भी पानी टपकने की शिकायतें सामने आईं।
मुख्य गेट के ऊपर लगाए गए शेड के नीचे लगी शीट्स तेज हवाओं के कारण उखड़ गईं और लटकती नजर आईं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से बने ढांचे में इस तरह की खामियां चिंता का विषय हैं।
पीडब्ल्यूडी ने कहा-स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अदेश गुप्ता ने कहा कि केवल एक शीट खुलने के कारण यह स्थिति बनी है। उनके अनुसार टर्मिनल का मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि तकनीकी टीम यह जांच कर रही है कि शीट उखड़ने और पानी रिसने के पीछे क्या कारण रहे। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
अब जिम्मेदारी कौन लेगा?
हलवारा एयरपोर्ट को लेकर पिछले कई वर्षों से राजनीतिक स्तर पर श्रेय लेने की होड़ भी देखने को मिलती रही है। एयरपोर्ट शुरू होने से पहले संजीव अरोड़ा और रवनीत बिट्टू में एयरपोर्ट को लेकर क्रेडिट लेने की वार चल रही थी।
विभिन्न नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इसके निर्माण और संचालन का श्रेय लेने के दावे किए थे, लेकिन पहली ही बारिश के बाद सामने आई खामियों के बीच अब लोगों का सवाल है कि आखिर इस स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा।
ठेकेदार व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई: बिट्टू
राज्यसभा सदस्य रवनीत बिट्टू ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करके लिखा कि यह दुखद है कि हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वर्षा की पहली फुहार को बर्दाश्त करने में नाकाम रहा है, जिस तरीक से यह इमारत फेल हुई है।
इसने कर्मचारी व यात्रियों की जान को खतरे में डाला है। लापरवाही से किए निर्माण और लोगों की जान को खतरे में डालने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
| सेक्टर (Route) | डिपार्चर (Departure) | अराइवल (Arrival) |
| दिल्ली से हलवारा | 05:55 AM | 07:05 AM |
| हलवारा से दिल्ली | 07:55 AM | 09:10 AM |
| दिल्ली से हलवारा | 12:55 PM | 02:10 PM (14:10) |
| हलवारा से दिल्ली | 02:40 PM (14:40) | 03:55 PM (15:55) |
परियोजना पर एक नजर
| विशेषता / मानक | विवरण (Details) |
| परियोजना का कुल क्षेत्रफल | 161.28 एकड़ जमीन |
| टर्मिनल इमारत का आकार | 2000 वर्ग मीटर |
| नेविगेशन/लाइटिंग सिस्टम | कैट-2 (CAT-2) सिस्टम से लैस |
| दैनिक उड़ान क्षमता | एक दिन में 12 उड़ान भरने की क्षमता |