लुधियाना-अमृतसर में अपराध के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' का आगाज, डीसीपी के नेतृत्व में शहर के हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी
लुधियाना पुलिस ने अपराध और नशे के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' शुरू किया है। डीसीपी जसकिरण सिंह तेजा के अनुसार, अगले 72 घंटों तक शहर में कड़ा पुलिस पहरा ...और पढ़ें

ऑपरेशन प्रहार 2.0: लुधियाना में 72 घंटे का पुलिस पहरा (फाइल फोटो)

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जागरण संवाददाता, लुधियाना/अमृतसर। लुधियाना और अमृतसर में अपराध और नशे के खिलाफ पंजाब पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए ऑपरेशन प्रहार 2.0 की शुरुआत कर दी है। डीसीपी जसकिरण सिंह तेजा ने बताया कि आज से अगले 72 घंटों तक शहर के चप्पे-चप्पे पर कड़ा पुलिस पहरा रहेगा। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, गैंगस्टर नेटवर्क और ड्रग पेडलिंग को जड़ से खत्म करना है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले चलाया गया ऑपरेशन प्रहार 1.0 काफी सफल रहा था। उस दौरान 300 से अधिक संदिग्धों को राउंडअप किया गया था और 20 से ज्यादा घातक हथियार बरामद किए गए थे। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप पकड़कर तस्करों की कमर तोड़ दी गई थी।
इस बार अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए करीब 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। शहर के अपराध और नशे के हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर वहां अचानक रेड, नाकाबंदी और तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि इस 72 घंटे की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ हथियार और ड्रग्स की बड़ी रिकवरी होगी, जिससे शहर में कानून व्यवस्था और मजबूत होगा।
अमृतसर में ऑपरेशन प्रहार 2 अभियान तहत सोमवार की सुबह गैंगस्टरों पर नकेल करने के लिए पुलिस ने शहर के छपे छपे पर तलाशी अभियान चलाया। 72 घंटे के इस ऑपरेशन में गैंगस्टरों पर नजर रख उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी सोहेल मीर ने बताया कि इससे पहले ऑपरेशन प्रहार के तहत उपयोग करने वाले जिलों में भेजा जा चुका है।
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आज मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव की हिदयात पर जिले में ऑपरेशन ऑपरेशन प्रहार 2 की शुरुआत की गई है। पुराने अपराधियों के रिकार्ड खंगाल गए हैं, ज्यादातर बदमाश जिलों के अंदर है या फिर शहर छोड़ चुके हैं। उनके करीबी और रिश्तेदारों के रिकॉर्ड भी जांच जा रहे हैं।
संदीप लोगों के वाहनों की जांच की जा रही है। उनके वाहन नंबर और मोबाइल नंबर अलग-अलग रजिस्टरों में दर्ज किया जा रहे हैं। ताकि किसी वारदात के बार बाद उन्हें आसानी से ट्रेस किया जा सके।