लुधियाना में दर्दनाक सड़क हादसा, 36 फीट दूर छप्पड़ में जाकर गिरी तेज रफ्तार कार; AAP नेता समेत 3 की मौत
संगरूर में जगराओं-रायकोट रोड पर एक कार तालाब में गिरने से भीषण हादसा हुआ। इस दुर्घटना में आम आदमी पार्टी ...और पढ़ें
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बलकार सिंह, संदीप सिंह और विशाल गर्ग (फाइल फोटो)।
HighLights
जगराओं-रायकोट रोड पर कार तालाब में गिरने से हादसा
हादसे में आम आदमी पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं की मौत
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने जताया गहरा दुख
जागरण संवाददाता, लुधियाना/संगरूर। जगराओं-रायकोट रोड पर लुधियाना जिले के रायकोट के गांव बस्सियां के पास बुधवार देर रात कार छप्पड़ में गिरने से आम आदमी पार्टी के नेता समेत तीन युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सड़क घुमावदार थी और उस पर सफेद पट्टी नहीं थी, जिस कारण तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर करीब 36 फीट दूर छप्पड़ में जा गिरी।
छप्पड़ की बाउंड्री वाल भी लगभग खत्म हो चुकी है। हादसे में कार सवार दो अन्य युवकों को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतकों की पहचान संगरूर के गांव रोगला निवासी 32 वर्षीय बलकार सिंह, दिड़बा निवासी 30 वर्षीय विशाल गर्ग और पटियाला के पातड़ां के गांव अतालां निवासी 33 वर्षीय एडवोकेट संदीप सिंह के रूप में हुई है।
कार सवार पांचों युवक बुधवार शाम नकोदर में धार्मिक स्थान पर माथा टेककर लौट रहे थे। रात करीब 9:40 बजे लुधियाना के रायकोट के गांव बस्सियां के पास अचानक कार अनियंत्रित होकर पेड़ों के बीच से होते हुए सड़क किनारे स्थित छप्पड़ में जा गिरी। कार गिरते ही उसमें पानी भर गया और लाक हो गई, जिससे किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित कर तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पटियाला के पातड़ां निवासी पुनीत और बिक्रम उर्फ विक्की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन बलकार, विशाल और संदीप को नहीं बचाया नहीं जा सका। बलकार सिंह संगरूर के गांव रोगला के पंचायत सदस्य होने के साथ आम आदमी पार्टी के एससी विंग के ब्लॉक कोआर्डिनेटर और हलका लहरा के सेक्टर इंचार्ज थे। वह वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा के करीबी थे।
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लुधियाना के गांव बस्सियां के पास छप्पड़ में पलटी होकर गिरी कार।
एडवोकेट संदीप सिंह भी आप की राजनीति में सक्रिय थे और जिला पटियाला एससी विंग के वरिष्ठ उपप्रधान की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। विशाल गर्ग अपने साथियों के साथ पिज्जा हट की दुकान चलाते थे। हादसे पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गहरा दुख जताया।
उन्होंने कहा कि तीनों युवक उनके साथी थे। उनकी मौत से परिवारों को अपूरणीय क्षति हुई है और आम आदमी पार्टी को भी बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं, विधायक सरबजीत कौर माणूके और वित्त मंत्री के ओएसडी तपिंदर सिंह सोही जगराओं सिविल अस्पताल पहुंचे और परिवार के सदस्यों के साथ शोक जताया।
पुलिस ने जताई आवारा पशु को बचाने के दौरान हादसा होने की आशंका
रायकोट के एसएचओ हीरा सिंह ने बताया कि पांचों युवक नकोदर से माथा टेककर लौट रहे थे। गांव बस्सियां के पास संभवत: सड़क पर अचानक आवारा पशु आ गया, जिसे बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर छप्पड़ में जा गिरी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एक साल में इस सड़क पर हुए 42 से ज्यादा हादसे
जगराओं-रायकोट रोड स्थित गांव बस्सियां में बुधवार की रात 9.40 बजे जिस सड़क पर हुए हादसे में तीन जानें गईं वहां एक वर्ष में 42 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि सड़क के साथ लगते छप्पड़ के आसपास बड़ी बड़ी झाड़ियां हैं, जिसकी वजह से इसकी बाउंडरीवाल भी नजर नहीं आती।
हैरानी की बात ये है कि तीन से साढ़े तीन फुट की बाउंड्रीवाल गांव की तरफ से बनवाई गई थी, लेकिन सड़क टूटने के बाद प्रीमिक्स की लेयर डालते-डालते यह ऊंची हो गई। अब बाउंड्रीवाल एक से डेढ़ फीट रह गई। यहां किनारों पर सफेद पट्टी नहीं लगाई गई, जिसकी वजह से न सड़क का पता चलता है और न ही छप्पड़ की बाऊंड्री वाल का।
छप्पड़ में गाड़ी से आ रही थी आवाजें, रस्सी नहीं मिली तो पानी की पाइप ले बचाने पहुंचे
मैं कहीं बाहर से आया था और घर के अंदर दाखिल होने लगा था। तभी एक धमाके की आवाज आई। मैं गेट से बाहर निकला तो देखा कि मेरे घर के सामने बने छप्पड़ से बचाओ बचाओ की आवाजें आ रही थीं। मैं छप्पड़ के पास पहुंचा तो देखा कि एक कार उलटी होकर छप्पड़ के अंदर पड़ी थी। कार के शीशे थोड़े थोड़े खुले थे और एक मोबाइल की लाइट जल रही थी।

अमृत चीमा (बाएं) और रवि, जिन्होंने कार से लोगों को निकाला।
मैं कार के पास पहुंचा और उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे लॉक हो गए थे। मैं अपने दोस्त अमृत चीमा को बुलाया और खुद रस्सी लेने के लिए चला गया। रस्सी नहीं मिली तो पानी की पाइप लेकर पहुंच गए। मैं और मेरे दोस्त ने मिलकर कार के दोनों दरवाजों को तोड़कर एक-एक कर पांचों को बार निकाल लिया। उनमें से दो तो ठीक थे, लेकिन तीन की मौत हो चुकी थी। हमें अफसोस है कि हम सभी को नहीं बचा सके। जैसा दो युवकों को बचाने वाले रवि और अमृत चीमा ने बताया।
