लुधियाना पुलिस पर वसूली का आरोप, ओवरस्पीड के नाम पर महिला से कैश मांगने का वीडियो वायरल
लुधियाना में ओवरस्पीड के नाम पर पुलिस द्वारा कथित वसूली का मामला सामने आया है। जम्मू की एक महिला ने आरोप लगाया है कि लुधियाना पुलिसकर्मियों ने लाडोवाल ...और पढ़ें

लुधियाना पुलिस पर वसूली का आरोप

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जागरण संवाददाता, लुधियाना। शहर में ओवरस्पीड के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जम्मू निवासी एक महिला ने लुधियाना पुलिस के कुछ कर्मियों पर दबाव बनाकर एक हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर जारी किया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, जम्मू की रहने वाली रुचि शर्मा शनिवार (11 अप्रैल) को एक शादी समारोह में शामिल होने लुधियाना आई थीं। महिला का आरोप है कि जैसे ही उनकी कार लाडोवाल टोल प्लाजा के पास मल्होत्रा रिसोर्ट के नजदीक पहुंची, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी वैगनआर कार को ओवरस्पीड का हवाला देकर रोक लिया।
करीब एक मिनट 37 सेकंड के वीडियो में महिला ने दावा किया कि उनकी कार की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सके। उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी सामान्यतः 70-80 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर ही चलती है और इससे अधिक स्पीड पर गाड़ी में कंपन होने लगता है।
महिला ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपने चेहरे ढके हुए थे, जिससे उन्हें संदेह हुआ। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि उनकी गाड़ी ओवरस्पीड में पकड़ी गई है और यदि मौके पर कैश दे दिया जाए तो एक हजार रुपये में मामला खत्म कर दिया जाएगा।
वहीं, आनलाइन चालान काटने पर तीन हजार रुपये भरने की बात कही गई। वीडियो में महिला ने यह भी कहा कि जब उनके पति और ससुर ने इस बारे में सवाल किए तो पुलिसकर्मी बार-बार जल्दी करने का दबाव बनाते रहे। अंततः दबाव के चलते उन्होंने एक हजार रुपये देकर मामला निपटाया।
महिला ने इस पूरे घटनाक्रम को एक तरह का ‘ट्रैप’ बताते हुए दावा किया कि पुलिसकर्मी दूर से ही वाहनों को रोक रहे थे और अन्य वाहन चालकों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जा रहा था। वीडियो के अंत में महिला ने लुधियाना पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण के आम लोगों को डराकर पैसे लेना पूरी तरह गलत है और ऐसी घटनाओं पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। फिलहाल, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे घटना को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।