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लुधियाना जासूसी मामले में बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से मिला था हथियार; फिरोजपुर और राजस्थान में रची थी खौफनाक साजिश

Published: Fri, 04 Sep 2026 08:56 AM (IST)

लुधियाना में सैन्य क्षेत्र की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार रछपाल सिंह, रोहित और वरिंदर से पूछताछ में 32 बोर ...और पढ़ें

लुधियाना जासूसी मामले में बड़ा खुलासा। एआई की मदद से फोटो बनाई गई है

लुधियाना जासूसी मामले में बड़ा खुलासा। एआई की मदद से फोटो बनाई गई है

HighLights

  1. जासूसी आरोपितों से 32 बोर की पिस्तौल बरामद, पाकिस्तान से भेजी गई।

  2. ISI हैंडलर्स के निर्देश पर सैन्य क्षेत्रों की निगरानी की योजना।

  3. लुधियाना के बाद फिरोजपुर, राजस्थान में भी CCTV लगाने की तैयारी।

गगनदीप रत्न, लुधियाना। फिरोजपुर रोड पर जूतों की दुकान की आड़ में सीसीटीवी कैमरे लगाकर सैन्य क्षेत्र की निगरानी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए रछपाल सिंह, रोहित और वरिंदर से पुलिस ने पूछताछ के दौरान 32 बोर की एक पिस्तौल बरामद की है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पिस्तौल आरोपितों को पाकिस्तान से उनके हैंडलर्स के माध्यम से भेजी गई थी। पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपितों को निर्देश दिया गया था कि पिस्तौल को बेचकर उससे अपना कुछ खर्च निकाल लें।

पुलिस के अनुसार, आरोपितों का नेटवर्क केवल लुधियाना तक सीमित नहीं था। पूछताछ में सामने आया है कि लुधियाना के बाद उन्हें फिरोजपुर और राजस्थान जाना था। वहां भी कथित तौर पर इसी तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे।

इन कैमरों के जरिये सैन्य क्षेत्रों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की गतिविधियों की तस्वीरें और वीडियो तैयार कर पाकिस्तान में बैठे आइएसआइ हैंडलर्स तक पहुंचाने की योजना थी। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने आरोपितों को पकड़ लिया।

अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर दिए गए पैसे

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों को पंजाब में विभिन्न स्थानों पर बुलाकर अब तक कई बार पैसे दिए गए थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उन्हें किस-किस स्थान पर बुलाया गया और वहां किस माध्यम से रकम उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से आरोपितों का संपर्क किस माध्यम से हुआ और उन्हें अब तक कितने टास्क दिए जा चुके थे।

हथियार की बरामदगी से जांच का दायरा बढ़ा

जासूसी के मामले में पूछताछ के दौरान पिस्तौल बरामद होने के बाद पुलिस अब हथियार के स्रोत और उसके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पिस्तौल पंजाब तक किस माध्यम से पहुंची और इसे आरोपितों तक किसने पहुंचाया।

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या हथियार के जरिए आरोपितों को किसी अन्य गतिविधि को अंजाम देने के लिए भी तैयार किया जा रहा था। हालांकि ये पता चला है कि हथियार अमृतसर बार्डर एरिया से लाया गया था।

पुलिस आरोपितों के मोबाइल फोन, संपर्कों, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ आगे बढ़ने के साथ पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।