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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ludhiana News: ग्रामीण विकास की राह रोशन कर रहीं नवदीप, सूखे कूड़े को बेचकर बनाया आमदनी का जरिया

    Updated: Tue, 12 Mar 2024 08:37 PM (IST)

    ग्रामीण क्षेत्रों और उनके विकास के लिए नवाचारी अधिकारी नवदीप महत्वपूर्व भूमिका निभा रही हैं। लुधियाना के दोराहा में नवदीप कौर को पंजाब का पहला सॉलिड व ...और पढ़ें

    ग्रामीण विकास की राह रोशन कर रहीं नवदीप।
    ग्रामीण विकास की राह रोशन कर रहीं नवदीप।

    बिंदु उप्पल, जगराओं (लुधियाना)। भारत के सामाजिक-आर्थिक परिवेश में ग्रामीण क्षेत्रों और ग्रामीण जनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी कहा था कि भारत गांवों में निवास करता है। आज भी कुछ जनप्रतिनिधि उनकी कल्पना को व्यावहारिक स्वरूप में परिवर्तित करने का सतत प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं में शामिल हैं जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नवदीप कौर, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले कार्यक्रमों का निर्माण, समन्वय और कार्यान्वयन, विशेष रूप से गरीबी को कम करने और उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित किया और दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर स्थायी रोजगार व आजीविका के अवसर पैदा किए।

    कूड़े को बनाया आमदनी का साधन

    लुधियाना के दोराहा में पंजाब का पहला सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शुरू हुआ तो इसकी जिम्मेदारी नवदीप कौर को सौंपी गई। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के जरिये घरों से कूड़ा एकत्रित करने के लिए दो-दो कूड़ेदान लगवाए। इनमें गीले व सूखे कूड़े को एकत्रित किया गया। घरों के गीले कूड़े को पिट्स में डालकर खाद बनाई गई और उन्हें पंचायत स्तर पर बेचना शुरू करवाया। साथ ही सूखे कूड़े (प्लास्टिक, कांच, लोहा आदि) को बेचकर आमदनी का जरिया बनाया। इससे गांव के युवाओं को रोजगार भी मिला। दूसरी तरफ, नवदीप ने पराली से खाद बनाने के लिए किसानों में जागरुकता का संचार किया।

    प्रोजेक्ट के तहत किसानों से पराली जलाने के बजाय गड्ढों में डलवाकर खाद बनवाया, जिन्हें बागवानी में उपयोग के लिए बेचकर पंचायत की आमदनी का साधन बनाया। इसके अलावा अजनाला में गांव की महिलाओं को कूड़ा एकत्रित करने और उनसे खाद बनाने का काम देकर आत्मनिर्भरता की राह दिखाई।

    ग्रामीणों को पढ़ा रही आत्मनिर्भरता का पाठ

    नवदीप बीडीपीओ स्तर पर ग्रामीणों को केंद्र व राज्य की योजनाओं के प्रति जागरुक कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को उनके हुनर व शौक को रोजगार के रूप में अपनाने के लिए उचित मंच प्रदान किया है।

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    इसके अलावा पंजाब में तेजी से गिरते भूजल स्तर पर अंकुश लगाने के लिए किसानों को फसली विविधता अपनाने और पारंपरिक खेती से हटकर नवीन तकनीक अपनाकर आय बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण मुहैया करवा रही हैं। वह स्कूलों, कालेजों व जिला स्तर पर कौशल विकास विभाग के माध्यम से जागरूकता सेमिनारों का आयोजन भी करती हैं। समाज को नई दिशा दिखाने के लिए किए जा रहे उनके कार्यों को सराहा भी गया। वर्ष 2023 में भारत सरकार की ओर से ग्रामीण विकास में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बीडीपीओ को बुलाया गया था, जिसमें पंजाब से वह शामिल थीं।

    नवदीप ने अपनी इस सफलता का श्रेय मां जसबीर कौर और पिता स्व. गुरमिंदर सिंह को दिया है। उन्होंने कहा कि वह समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं, जिसके लिए वह हर स्तर पर प्रयास करेंगी। लुधियाना में जन्मी नवदीप कौर ने इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक इंजीनियरिंग की है। 2014 में यूपीएससी परीक्षा पास कर वह पीसीएस अफसर बन गई। पीसीएस परीक्षा पास करने के बाद नवदीप कौर बीडीपीओ दोराहा बनी।

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