लुधियाना के खन्ना में मनरेगा कर्मचारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, दागे आंसू गैस के गोले; कई प्रदर्शनकारी घायल
खन्ना में मनरेगा कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए। ...और पढ़ें
-1784173414652_m.webp)
मनरेगा कर्मियों पर पुलिस का लाठीचार्ज (फोटो: जागरण)
HighLights
मनरेगा कर्मियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस दागे।
स्थायी नियुक्ति और लंबित वेतन की मांग कर रहे थे कर्मचारी।
कई प्रदर्शनकारी घायल, जिनमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं।
संवाद सहयोगी, खन्ना। राज्यस्तरीय प्रदर्शन के दौरान मनरेगा कर्मचारियों और मजदूरों ने जब खन्ना स्थित पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध के आवास की ओर कूच किया तो पुलिस ने पहले बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर वाटर कैनन का प्रयोग किया, आंसू गैस के गोले दागे और बाद में लाठीचार्ज किया।
इस कार्रवाई में कई कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। पंजाबभर से हजारों मनरेगा कर्मचारी और मजदूर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर खन्ना के प्रेम भंडारी पार्क में एकत्र हुए थे।
सभा में स्थायी नियुक्ति, लंबे समय से लंबित वेतन के भुगतान और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में अमलोह रोड स्थित पंचायत मंत्री के आवास की ओर बढ़े।
मंत्री के आवास के बाहर तैनात था भारी पुलिस बल
प्रशासन ने पहले से ही मंत्री आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था और रास्ते में बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की व तीखी नोकझोंक हुई।
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। कार्रवाई के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया।
यूनियन नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि मनरेगा कर्मचारी पिछले 18 वर्षों से ग्रामीण विकास कार्यों में योगदान दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित नहीं किया गया और समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
खबरें और भी
राजा वड़िंग ने सरकार को घेरा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एवं लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अपनी बकाया मजदूरी की मांग कर रहे श्रमिकों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज करना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि मेहनतकश लोगों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर बल प्रयोग किया गया और प्रदर्शन स्थल पर टेंट व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी बाधा डाली गई। उन्होंने कहा कि आठ महीने की लंबित मजदूरी मांग रहे मजदूरों पर बल प्रयोग सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
मनरेगा कर्मचारियों पर पुलिस कार्रवाई निंदनीय: यादू
शिरोमणि अकाली दल के हलका प्रभारी यादविंदर सिंह यादू ने मनरेगा कर्मचारियों और मजदूरों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने सिविल अस्पताल पहुंचकर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों का हाल जाना।
यादू ने कहा कि मनरेगा कर्मचारी और मजदूर अपनी आठ माह से लंबित मजदूरी तथा अन्य मांगों को लेकर पंचायत मंत्री से बातचीत करने पहुंचे थे। लेकिन उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज किया गया।