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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Farmers Protest: किसान 26 नवंबर को करेंगे चंडीगढ़ कूच, अफीम की खेती; MSP और गन्ने के भाव की रखेंगे मांग

By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
Updated: Sun, 12 Nov 2023 06:30 AM (IST)

किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के संघर्ष के दौरान एमएसपी पर गारंटी बिल लागू करने पर सहमति जताई थी जिसे दो साल बीतने के बाद भी लागू नही ...और पढ़ें

Punjab Farmers Protest: किसान 26 नवंबर को करेंगे चंडीगढ़ कूच
Punjab Farmers Protest: किसान 26 नवंबर को करेंगे चंडीगढ़ कूच

जागरण संवाददाता, लुधियाना। केंद्र सरकार और पंजाब सरकार की ओर से किसानों की लंबित मांगों को लागू न करने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन पंजाब पक्खोवाल 26 नवंबर से तीन दिन के लिए चंडीगढ़ का घेराव करेगी। इस घेराव में देश के 32 किसान संगठन शामिल होंगे। उक्त बातें यूनियन के प्रदेश प्रधान हरिंदर सिंह लक्खोवाल और सरपरस्त अवतार सिंह मेहलों ने बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब से हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर के साथ शामिल होंगे। इसके बाद भी किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो फिर दिल्ली की तरफ कूच किया जाएगा और अनिश्चितकाल के लिए हजारों किसान मोर्चा खोलकर बैठ जाएंगे।

इन मुद्दों पर चल रही चर्चा

किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के संघर्ष के दौरान एमएसपी पर गारंटी बिल लागू करने पर सहमति जताई थी, जिसे दो साल बीतने के बाद भी लागू नहीं किया गया है। इसे लेकर किसानों में भारी रोष है। पंजाब सरकार को जल्द से जल्द गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की घोषणा करनी चाहिए और धान की खरीद में तेजी लानी चाहिए। इसके अलावा पंजाब के युवाओं और किसानों को सिंथेटिक नशे से बचाने के लिए सरकार को खसखस (अफीम) की खेती की अनुमति देनी चाहिए, ताकि युवाओं को घातक नशे से बचाया जा सके।

जिलावार किसानों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं

किसान नेताओं ने कहा कि इस घेराव को लेकर जिलावार किसानों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं।इस दौरान यूनियन के सभी पदाधिकारी, सदस्य व सभी जिला प्रधान मौजूद थे। इस मौके पर दर्शन सिंह जटाणा, भूपिंदर सिंह दोलतपुरा, मंजीत सिंह ढिढसा, दलजीत सिंह चालकी, हरमेल सिंह भुटेहेड़ी, जोगिंदर सिंह ढिल्लो, सुरजीत सिंह हरिएवाला, जसवंत सिंह सिंहपुर दोना, किरपाल सिंह, अमृत सिंह राजेवाल, दर्शन सिंह कादियाना, गुसेवक सिंह मजाली, जिंदू खोखर, बूटा सिंह, कृपाल सिंह, बेअंत सिंह, पाल सिंह, जोगा सिंह, रणवीर सिंह, दलजीत सिंह, निर्मल सिंह, गुरसेवक सिंह, बलजिंदर सिंह, दर्शन सिंह, हरमेल सिंह, गुरमुख सिंह, जरनैल सिंह, जसवंत सिंह मौजूद रहे।

किसान नेताओं ने कहा, दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसान जिम्मेदार नहीं है। हरिंदर सिंह लाखोवाल और अवतार सिंह मेहलों ने कहा कि केंद्र, दिल्ली और हरियाणा सरकार दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराना बंद करें। दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए पंजाब जिम्मेदार नहीं है। जानबूझकर पंजाब के किसानों को बदनाम किया जा रहा है।