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Punjab Weather: पंजाब में सुस्त पड़ा मानसून, चंडीगढ़-लुधियाना में तेज बारिश; उमस भरी गर्मी से लोग परेशान

Published: Wed, 26 Aug 2026 06:00 AM (IST)

पंजाब में मानसून मंगलवार से सुस्त पड़ गया है, केवल चंडीगढ़, लुधियाना और रूपनगर में वर्षा दर्ज की गई। अन्य ...और पढ़ें

Punjab Weather: चंडीगढ़-लुधियाना में तेज बारिश। फोटो जागरण

Punjab Weather: चंडीगढ़-लुधियाना में तेज बारिश। फोटो जागरण

HighLights

  1. पंजाब में मानसून मंगलवार से सुस्त पड़ा, तीन जिलों में वर्षा।

  2. चंडीगढ़ में 58.3 मिमी, लुधियाना में 38.4 मिमी वर्षा दर्ज।

  3. अन्य जिलों में तेज धूप, उमस से लोग हुए परेशान।

जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब में मानसून मंगलवार से सुस्त पड़ गया है। तीन जिलों में ही तेज वर्षा दर्ज की गई। जिसमें चंडीगढ़ में सबसे अधिक 58.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि लुधियाना में 38.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। वहीं रूपनगर में 12.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

जबकि दूसरे सभीजिलों में मौसम साफ रहा। दिन में तेज धूप रही और उमस काफी अधिक थी। जिससे लोगों को बेचैनी महसूस हो रही थी। लुधियाना में भी सुबह साढे़ ग्यारह से डेढ़ बजे के दौरान वर्षा के बाद तेज धूप निकली तो लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हो गए।

दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को कुछ जिलों में हल्की से सामान्य वर्षा हो सकती है।

आधे घंटे की बारिश से मौसम हुआ सुहाना

संगरूर में मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे इस सीजन की हुई पहली तेज बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों ने इसे धान सहित अन्य फसलों के लिए लाभदायक बताया। बारिश के बाद आसमान साफ होकर धूप निकल आई, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो गया। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।

मध्यम से तेज बारिश के चलते शहर के विभिन्न बाजारों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। बस स्टैंड, नाभा गेट, सुनामी गेट, एक्सचेंज रोड, क्लब रोड, धूरी गेट के आसपास बाजारों व गलियों में जगह-जगह पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

बारिश से किसानों को फायदा

स्थानीय लोगों ने जलनिकासी की ठप पड़ी व्यवस्था के प्रति रोष जाहिर करते हुए नगर कौंसिल व प्रशासन पर निशाना साधा। दूसरी ओर किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। संगरूर के किसान गुरजोत सिंह, सतनाम सिंह और वरिंदर सिंह ने बताया कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल के पत्तों पर पत्ता लपेट सुंडी समेत अन्य हानिकारक कीटों का प्रकोप बढ़ने लगा था।

किसान कीटनाशकों का इस्तेमाल कर रहे थे। किसानों के अनुसार बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के साथ कीटों का प्रकोप कम होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह बारिश धान के अलावा सब्जियों और फलों की फसलों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।