यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रवनीत बिट्टू रेल राज्य मंत्री बनने के बाद पहली बार पहुंचे लुधियाना, अमृत भारत योजना के तहत किया ये बड़ा एलान
रेल राज्य मंत्री बनने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) पहली बार लुधियाना पहुंचे हैं। अमृत भारत योजना के तहत बिट्टू ने पंजाब के विकास के ...और पढ़ें

HighLights
- रेल राज्य मंत्री बनने के बाद पहली बार की प्रेस वार्ता
- पंजाब के स्टेशनों को पुनर्विकास करने का बताया मास्टर प्लान
जागरण संवाददाता, लुधियाना। फूड प्रोसेसिंग व रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने कहा है कि जल्द ही मोहाली-राजपुरा ब्रॉड-गेज रेल लिंक का काम शुरू किया जाएगा। 2016-2017 में रेलवे ने डीपीआर तैयार कर चंडीगढ़ मोहाली राजपुरा लिंक बनाने के लिए प्रस्ताव बनाया था, लेकिन रेलवे ने मुनाफा ना होने के बाबत चलते इसकी फाइल बंद कर दी थी।
लेकिन उन्हें लगता है कि मालवा को पंजाब की राजधानी से जोड़ा जाना चहिए। इसलिए यह मामला जल्द ही केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष उठा रेल लिंक बनाने का काम शुरू करवाया जाएगा।
रेल राज्य मंत्री बनने के बाद पहली प्रेस वार्ता
केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री बनने के बाद बिट्टू आज लुधियाना की सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले लुधियाना सर्किट हाउस में पहुंचने पर पुलिस ने बिट्टू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
उपरांत प्रेस कॉन्फ्रेंस मे रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पंजाब को रेलवे में एक बड़ा हिस्सा दिया है। यह लिंक पंजाबियों की लंबे समय से लंबित मांग है और यह राजपुरा अंबाला के वर्तमान मार्ग से 55 किलोमीटर कम होगा और मोहाली मोरिंडा लिंक से भी बहुत छोटा होगा।
पंजाब सरकार की ओर से नहीं मिली कोई प्रतिक्रिया: बिट्टू
इस लिंक का डीपीआर पहले 2016-17 में 312.53 करोड़ की परियोजना लागत के साथ तैयार किया गया था। चूंकि रिटर्न की दर नकारात्मक 5% थी, इसलिए रेलवे बोर्ड के 24-11-16 को मुख्य सचिव पंजाब सरकार को भेजे गए डीओ के जरिए इस नई लाइन परियोजना के लिए लागत साझा करने और मुफ्त भूमि उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार से सहमति मांगी गई थी। चूंकि अब लगभग आठ साल बीत चुके हैं और बार-बार याद दिलाने के बावजूद पंजाब सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है, इसलिए नई डीपीआर या संशोधित डीपीआर बनाई जाएगी।
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रवनीत सिंह ने लिंक के बारे में दी ये जानकारी
संशोधित डीपीआर को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए पंजाब सरकार के साथ साझा किया जाएगा। लिंक के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, एस रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि इस खंड की लंबाई 38.880 किमी होगी और तीन जिलों (एसएएस नगर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला) में कुल क्षेत्र 43.192 हेक्टेयर होगा। उक्त रेल खंड के लिए मुख्यमंत्री भगवत मानसिंह से बातचीत कर सरकार से जगह दिये जाने की बात रखी जाएगी।
पंजाब में 30 स्टेशनों का किया जा रहा पुनर्विकास: बिट्टू
राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में लुधियाना-मुल्लांपुर दोहरीकरण (बद्दोवाल लुधियाना खंड), लुधियाना किला रायपुर दोहरीकरण (लुधियाना किला रायपुर खंड) और नंगल डैम तलवारा मुकेरियां नई लाइन के लिए लगभग 2400 करोड़ रुपये की लागत से कुल 55 किलोमीटर नई लाइन का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंजाब में 30 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
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ये स्टेशन हैं अमृतसर, आनंदपुर साहिब, नंगल डैम, रूपनगर, एसएएस नगर, बठिंडा, मानसा, कोटकपूरा, मोगा, सरहिंद, अबोहर, फाजिल्का, फिरोजपुर कैंट, मुक्तसर, गुरदासपुर, पठानकोट कैंट, पठानकोट शहर, होशियारपुर, फगवाड़ा, जालंधर कैंट, जालंधर शहर, फिल्लौर, ब्यास, कपूरथला, ढंडारी कलां, लुधियाना, पटियाला, धुरी, मलेरकोटला और संगरूर। इनमें से केवल पांच स्टेशन अर्थात अमृतसर, ब्यास, बठिंडा, जालंधर शहर और पठानकोट कैंट मास्टर प्लानिंग चरण में हैं, बाकी 25 स्टेशनों पर काम प्रगति पर है, जिनकी कुल लागत 1103.27 करोड़ है।
अच्छी तरह से डिजाइन किए जाएंगे स्टेशन
इस योजना के तहत स्टेशनों को 40 से 60 साल की अवधि के लिए मास्टर प्लान के साथ अच्छी तरह से डिजाइन किया जाएगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्य तत्वों में बेहतर स्टेशन भवन, सिटी सेंटर का निर्माण, यात्री सुविधाओं और विशाल रूफ प्लाजा, कैफेटेरिया, मनोरंजक सुविधाएं, शहर के दोनों किनारों का एकीकरण, पर्याप्त पार्किंग सुविधाओं के साथ सुचारू यातायात प्रवाह, उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, बेहतर सतह और प्लेटफॉर्म कवर, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, आरामदायक रोशनी, साइनेज ध्वनिकी, लिफ्ट/एस्केलेटर, सीसीटीवी और एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना शामिल हैं।
वायरल वीडियो पर भी बिट्टू ने की बात
रेल राज्य मंत्री ने अमृतपाल सिंह के माता-पिता के रवनीत सिंह बिट्टू से मिलकर बातचीत करने के वीडियो वायरल के बारे में कहा कि यदि अमृतपाल सिंह के माता-पिता उन्हें मिलना चाहते हैं तो वह मिलकर अपनी बात रखें यदि यदि उन्हें कोई समस्या आती है तो वह उनसे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह के बारे में अगर कोई उनकी मांग है। वह उसे केंद्र सरकार को बताएंगे।
अमृतपाल सिंह के परिवार से मिलने में कोई गुनाह नहीं है। बात सिर्फ यह है कि कोई भी बात यदि देशहित में है तो कोई बुरा नहीं है। उन्होंने बंदी सिंह की रिहाई के मामले में कहा कि उन्होंने रिहाई की बात कभी नहीं की। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कानून के मुताबिक काम होना चाहिए वह उसमें किसी तरह की रुकावट नहीं डालेंगे।