पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को होगा परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार, सिद्धू मूसेवाला की तरह बनेगी यादगार; पिता ने किया बड़ा एलान
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने बताया कि झोटा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक खेत में किया जाएगा।

पैतृक खेत में होगा परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, मानसा। एंटी ड्रग टास्क फोर्स नेता परविंदर सिंह झोटा का शुक्रवार को 25वें दिन पीजीआई चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद उसके पैतृक खेत शहर के चकेरिया रोड में अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिसमें अंतिम संस्कार के बाद उसकी यादगार बनाई जाएगी। खेत में अंतिम संस्कार करने को लेकर धान की कटाई के बाद चिखा बनाने का काम शुरू हो चुका है।
पीजीआई में उसका पोस्टमार्टम पांच डाक्टरों की टीम द्वारा एसडीएम चंडीगढ़ सेंट्रल बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट डा. अतुल की निगरानी में किया जाना था, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि उसकी डैड बाड़ी लंबा समय फ्रिज में थी, जिस कारण एक दम उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सकता। डाक्टरों की टीम की और से उसके शव को समान्य किया जा रहा है।
सिद्धूमूसे वाला के बाद परविंदर सिंह झोटा दूसरा व्यक्ति होगा जिसका अपने खेत में अंतिम संस्कार करने के अलावा उसकी यादगार का निर्माण किया जाएगा। बता दे कि 29 मई 2022 को सिद्धू मूसे वाला की हत्या के बाद उसका अंतिम संस्कार उसके खेत में करने के साथ उसकी यादगार भी तैयार की गई है।
पैतृक खेत में किया जाएगा अंतिम संस्कार
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने बताया कि झोटा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक खेत में किया जाएगा। पिता भीम सिंह, माता अमरजीत कौर व पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके दो करोड़ रूपये व नौकरी लेकर समझौता करने के लिए टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग उनको गोली मार दें, ना वह किसी लालच में आए और ना ही आएंगे।
उन्होंने पंजाब सरकार पर बरसते कहा कि जब परविंदर झोटा को गनमैनों की जरूरत थी, तब नहीं दिए गए और अब उनके आस पास गनमैनों की फौज खड़ी री दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ नशा विरोधी लड़ाई हमेशा जारी रहेगी, ना उनको सरकार के पैसे और ना नौकरी की जरूरत है।
... नहीं हो पाती झोटा की हत्या
पिता भीम सिंह फौजी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति उनके खाते में पैसे न डाले और ना ही उनके नाम पर पैसा एकत्र करे। उन्होंने कहा कि जो उन पर लालच में आकर समझौता करने की बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं वे अपने बेटे को परविंदर झोटा के समान मोर्चरी में डालकर देख लें और फिर पता लगेगा कि बेटे की लाश पर राजनीति होती है या लालच।
उन्होंने परविंदर झोटा के कत्ल के लिए मानसा के एसएसपी चौधरी को जिम्मेवार बताते कहा कि अगर उन्होंने नशा रोका होता तो परविंदर झोता की हत्या न होती। उन्होंने कहा कि ने सरकार के साथ हुई बातचीत व करार अनुसार अपने बेटे का अंतिम संस्कार करेंगे लेकिन सरकार मानसा के एसएसपी को बदले।
उन्होंने प्रण लिया कि जब तक मानसा के एसएसपी का तबादला करके उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वह अन्न का एक भी दाना नहीं खाएंगे और केवल पानी के सहारे पर ही अपना संघर्ष लड़ेंगे। बेशक मौत कभी भी आ जाए। नशे के खिलाफ वे और उनका परिवार डटकर लड़ाई लड़ता रहेगा।
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