मलोट अनाज मंडी पहुंची केंद्रीय टीम, बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं के लिए नमूने; रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
केंद्रीय टीम ने मलोट अनाज मंडी में बेमौसम बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लिए। बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं का दाना काला पड़ गया है और उसमें टूट की सम ...और पढ़ें
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मलोट अनाज मंडी में पहुंची केंद्रीय टीम (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संदीप मलूजा, मलोट/मुक्तसर। इलाके में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को हुए नुकसान के बाद अनाज मंडियों में बिकने आए गेहूं के नमूने लेने के लिए केंद्र की टीम मलोट की अनाज मंडी में पहुंची। इस मौके पर केंद्र की टीम के अधिकारियों ने गेहूं के ढेरों से अलग-अलग सैंपल लेते हुए इनकी जांच-पड़ताल के लिए अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस मौके पर आढ़तिया यूनियन के प्रधान सुनीश गोयल और अलग-अलग खरीद एजेंसियों के अधिकारियों ने इस टीम को बताया कि कुछ दिन पहले हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण जहां गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाने से गेहूं का दाना काला पड़ गया है, वहीं गेहूं के दाने में टूट भी काफी आ रही है।
इस कारण किसानों से गेहूं की फसल की खरीद में कुछ नियमों में ढील दी जाए ताकि सरकारी खरीद एजेंसियां गेहूं की फसल को समय पर खरीद सकें। केंद्रीय टीम द्वारा गेहूं के अलग-अलग लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट के बाद उम्मीद है कि गेहूं की सरकारी खरीद में कुछ ढील दी जाएगी।
यहां यह भी बताना जरूरी है कि पूरे इलाके में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की क्वालिटी में कुछ कमी आने से आढ़तियों और किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। अब उम्मीद है कि केंद्रीय टीम द्वारा सैंपलों के आधार पर गेहूं की खरीद में कुछ ढील देने से गेहूं की सरकारी खरीद तेजी से जल्द शुरू हो सकेगी।