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मुक्तसर में मानसून में लगेंगे 6.5 लाख पौधे, हाईवे पर काटे गए पेड़ों की भरपाई के लिए वन विभाग का बड़ा अभियान

Published: Wed, 22 Jul 2026 02:46 PM (IST)

वन विभाग ने मुक्तसर में मानसून के दौरान 6.5 लाख पौधे लगाने का अभियान शुरू किया है।

मलोट रोड हाईवे पर पौधे लगाने का कार्य शुरू (फोटो: जागरण)

मलोट रोड हाईवे पर पौधे लगाने का कार्य शुरू (फोटो: जागरण)

जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। पर्यावरण संरक्षण और जिले को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने मानसून सीजन में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान शुरू किया है। इसी मुहिम के तहत कुल 6.5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मुक्तसर-मलोट राष्ट्रीय हाईवे के दोनों तरफ करीब नौ हजार पौधे लगाए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि दो साल पहले जब यह हाईवे बनाया गया था तो रोड के चौड़ीकरण के चलते 3,048 पेड़ काटे गए थे। अब वन विभाग इस हाईवे पर नौ हजार पौधे लगा कर काटे गए पेड़ों की भरभाई करने का प्रयास कर रहा है। हाईवे पर पौधे लगाने का कार्य शुरू हो चुका है।

वन विभाग का लक्ष्य इस सड़क को हरित पट्टी में बदलना है ताकि क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बना रहे और आने वाले वर्षों में सड़क के किनारे घनी छाया मिल सके। वन गार्ड राजवीर सिंह ने बताया कि मानसून पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है।

इस दौरान मिट्टी में नमी अधिक होने के कारण पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ जाती है और वे तेजी से विकसित होते हैं। विभाग ने पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था भी की है।

कटे पेड़ों की भरपाई के लिए विशेष पहल

करीब दो साल पहले मुक्तसर-मलोट सड़क को 152.58 करोड़ की लागत से चौड़ा कर 12 मीटर किया गया था। 30 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में सड़क चौड़ीकरण के दौरान करीब 3,048 पेड़ काटे गए थे। पर्यावरण को हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए अब वन विभाग ने पौधारोपण को प्राथमिकता दी है।

इसी कड़ी में मुक्तसर-मलोट रोड पर नौ हजार नए पौधे लगाने का काम शुरू हुआ है। विभाग ने सड़क किनारे, खाली पड़ी सरकारी जमीन और नहरों के आसपास के ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं जहां पौधों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।

पौधों की देखभाल पर जोर

वन गार्ड राजवीर सिंह के अनुसार गुरु रविदास जी की जयंती के अवसर पर पूरे जिले में 6.5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान की सफलता सिर्फ पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल में है। इसलिए वन कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे पौधों को समय पर पानी दें, पशुओं से बचाएं और उनकी वृद्धि पर नजर रखें।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग के इस प्रयास की सराहना की है। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में हरियाली कम हुई थी। अब बड़े स्तर पर हो रहे पौधरोपण से न सिर्फ पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि मुक्तसर-मलोट रोड का नजारा भी आने वाले समय में पूरी तरह हरा-भरा हो जाएगा।

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