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    शहीदी जोड़ मेले के अंतिम दिन निकला नगर कीर्तनों; माघी मेला धार्मिक माहौल में समापत

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 12:31 PM (GMT+05:30)

    श्री मुक्तसर साहिब में चालीस मुक्तों की याद में आयोजित शहीदी जोड़ मेले का धार्मिक उत्साह के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन दो विशाल नगर कीर्तन निकाले गए, जि ...और पढ़ें

    नगर कीर्तन के दौरान आगे-आगे चलते हुए पांच प्यारे।

    नगर कीर्तन के दौरान आगे-आगे चलते हुए पांच प्यारे।

    HighLights

    1. शहीदी जोड़ मेले का धार्मिक आस्था के साथ समापन।

    2. दो विशाल नगर कीर्तन निकाले गए, संगत ने भाग लिया।

    3. SGPC द्वारा आयोजित, गतका प्रदर्शन और लंगर सेवा।

    जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। सिख इतिहास के महान शहीदों चालीस मुक्तों की याद में मनाए जा रहे शहीदी जोड़ मेले का समापन आज धार्मिक आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ हुआ। मेले के अंतिम दिन दो रवायती नगर कीर्तन निकाले गए, जिनमें विशाल संख्या में संगत ने भाग लेकर वाहेगुरु का जाप किया। नगर कीर्तन के साथ ही मेला माघी का रसमी तौर पर समापन हो गया।

    रिवायत अनुसार, आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से सिख संस्थाओं और समूह संगत के सहयोग से श्री दरबार साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र-छाया में और पांच प्यारों की अगुवाई में विशाल नगर कीर्तन सजाया गया। यह नगर कीर्तन सुबह 10 बजे नाका नंबर 4 से आरंभ हुआ।

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    नगर कीर्तन रेलवे रोड, बैंक रोड और घास मंडी चौंक से होते हुए ऐतिहासिक गुरुद्वारा टिब्बी साहिब पहुंचा, जहां संगत ने नतमस्तक होकर माथा टेका। इसके बाद नगर कीर्तन गुरुद्वारा दातनसर साहिब के रास्ते होते हुए पुनः श्री दरबार साहिब पहुंचकर समापत हुआ।

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    नगर कीर्तन में फूलों से सजाई गई पालकी साहिब।

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    लोगों ने बरसाए फूल 

    यात्रा मार्ग में शहर की संगतों ने श्रद्धा से जगह-जगह पर लंगर, जल सेवा और चाय-पानी की व्यवस्था की। लोगों ने नगर कीर्तन पर फूल भी बरसाए। फौजी बैंड ने इस मौके पर अपनी कला से माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। इसके साथ ही गतका टीमों ने वीरता और सिख मार्शल आर्ट की परंपरा को दर्शाते हुए शानदार प्रदर्शन किया, जिसे संगत ने खूब सराहा।

    इसके अलावा मार्ग में धार्मिक स्टाल, प्रदर्शनी और सेवा केंद्र भी लगाए गए, जिनमें गुरु इतिहास, सिद्धांत और परंपराओं से जुड़े साहित्य का भी प्रदर्शन किया गया।

    इस मौके श्री दरबार साहिब के मैनेजर निर्मलजीत सिंह, हैड ग्रंथी जगवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही। पूरे दिन शहर में धार्मिक उत्साह, सेवा भावना और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।

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