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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुखबीर सिंह बादल की धार्मिक सजा हुई पूरी, अब अकाली दल का नए सिरे से होगा गठन; श्री अकाल तख्त ने दिए आदेश

    Updated: Thu, 12 Dec 2024 08:33 PM (IST)

    Punjab News पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने श्री अकाल तख्त साहिब में अपनी धार्मिक सजा पूरी कर ली है। अब वह शुक ...और पढ़ें

    सुखबीर सिंह बादल की धार्मिक सजा हुई पूरी (जागरण फोटो)
    सुखबीर सिंह बादल की धार्मिक सजा हुई पूरी (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. सुखबीर ने पूरी की धार्मिक सजा आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष होंगे नतमस्तक
    2. सजा के पूरे होने के बाद अकाली दल को दोबारा खड़े करने के प्रयास होंगे शुरू
    3. सुखबीर बादल ने एक घंटा कीर्तन श्रवण किया और अंत में झूठे बर्तन साफ किए

    जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से तनखैया करार पूर्व डिप्टी सीएम व शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रधान सुखबीर बादल एवं अन्य अकाली नेताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सुनाई गई धार्मिक सजा का वीरवार को अंतिम दिन था।

    सुखबीर व अन्य नेताओं ने यहां स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में सजा पूरी की। सुखबीर शुक्रवार को अन्य नेताओं के साथ श्री अकाल तख्त साहिब पर नतमस्तक होकर अरदास करवाएंगे।

    पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से जो सेवा लगाई गई थी, उसे पूरा किया गया है। शुक्रवार सुबह दस बजे श्री अकाल तख्त साहिब में पहुंच कर अरदास करवाई जाएगी।

    प्रवेश द्वार पर की पहरेदारी की सेवा

    इस सजा के पूरे होने के बाद पंजाब में अकाली दल को दोबारा से खड़े करने के प्रयास शुरू हो जाएंगे। इससे पहले सुखबीर वीरवार सुबह नौ बजे गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सेवादार का चोला पहन प्रवेश द्वार पर पहरेदारी की सेवा निभाई।

    इसके बाद एक घंटा कीर्तन श्रवण किया और अंत में झूठे बर्तन साफ किए। उनके साथ शिअद के कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़, पूर्व कैबिनेट मंत्री दलजीत सिंह चीमा, सुच्चा सिंह लंगाह, गुलजार सिंह रणीके, हीरा सिंह गाबड़िया ने भी गुरुद्वारा साहिब में सेवा की।

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    बता दें कि सुखबीर बादल व अन्य अकाली नेताओं को दस दिन की धार्मिक सजा सुनाई गई थी। सुखबीर इससे पहले श्री हरिमंदिर साहिब अमृतसर, श्री केशगढ़ साहिब, श्री दमदमा साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में सजा पूरी कर चुके हैं।

    पांचवें व अंतिम पड़ाव में सुखबीर श्री मुक्तसर साहिब आए थे। यहां उन्होंने दो दिन तक सेवा की। शुक्रवार को वह अमृतसर पहुंचेंगे और श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में अपनी सजा के पूरे किए जाने की जानकारी देंगे।

    कभी भी मंजूर हो सकता है सुखबीर का इस्तीफा

    गत दो दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब ने सजा सुनाते समय स्पष्ट किया था कि अब शिरोमणि अकाली दल का दोबारा से गठन किया जाए। इन आदेशों के अनुसार, एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की देखरेख में कमेटी का गठन किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी नई भर्ती कर छह महीने में अकाली दल का नया ढांचा तैयार करने की है।

    इसके साथ ही अकाली दल कोर कमेटी को आदेश है कि सुखबीर बादल सहित अन्य लोगों के आए इस्तीफों को मंजूर कर रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब पर दी जाए। अब जबकि सुखबीर बादल की सजा पूरी हो रही है तो उनका इस्तीफा कभी भी मंजूर हो सकता है और अकाली दल के नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

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