मुक्तसर के कोटभाई गांव में दर्दनाक हादसा, बिना चारदीवारी वाले छप्पड़ में डूबने से 3 साल के मासूम की मौत
मुक्तसर के कोटभाई गांव में तीन साल के बच्चे फतेहवीर सिंह की छप्पड़ में डूबने से मौत हो गई। ...और पढ़ें
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बिना चारदीवारी वाले छप्पड़ में डूबने से 3 साल के मासूम की मौत (फोटो: जागरण)
HighLights
कोटभाई में तीन साल के बच्चे की छप्पड़ में डूबकर मौत।
असुरक्षित, बिना चारदीवारी वाले छप्पड़ को हादसे का कारण बताया।
ग्रामीणों ने छप्पड़ की सफाई और सुरक्षा की मांग की।
संवाद सूत्र, दोदा/मुक्तसर। मुक्तसर के कोटभाई गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसे में तीन साल के मासूम की छप्पड़ में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।
छप्पड़ में गांव की निकासी होती है और चारदीवारी व सफाई नहीं होने से बच्चे की जान चली गई है। ग्रामीणों का कहना है कि छप्पड़ में सरकंडे उगे हैं जिससे यह नहीं दिखता कि यहां गहरा छप्पड़ है।
जानकारी के अनुसार मृतक बच्चे की पहचान फतेहवीर सिंह पुत्र भूपिंदर सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि फतेहवीर घर के पास बने छप्पड़ के किनारे से खेलते हुए गुजर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह अचानक छप्पड़ में जा गिरा। छप्पड़ घर के बिल्कुल पास है। बच्चा शाम पांच बजे के आसपास खेलते हुए घर से बाहर निकला था।
परिजनों ने बच्चे को न मिलने पर देर रात तक उसकी तलाश की। काफी खोजबीन के बाद बच्चे के पैरों के निशान छप्पड़ की तरफ जाते मिले। जिसके बाद गोताखोरों की मदद ली गई। कई घंटों की मशक्कत के बाद देर रात करीब 11 बजे बच्चे का शव छप्पड़ से बरामद किया गया।
परिवार का आरोप है कि घरों के पास स्थित यह छप्पड़ सरकंडों और झाड़ियों से ढका हुआ है। इसी वजह से बच्चे को छप्पड़ का अंदाजा नहीं लगा और यह हादसा हो गया। उनका कहना है कि अगर समय रहते छप्पड़ की सफाई और चारदीवारी की जाती तो मासूम की जान बच सकती थी।
इस दुखद घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से छप्पड़ के आसपास सुरक्षा इंतजाम करने और उन्हें ढकने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।