नवांशहर के बलाचौर का 1500 साल पुराना 'शिव मंदिर बीदियां वाला', जहां नर्मदेश्वर शिवलिंग दर्शन से पूरी होती हैं मुरादें
बलाचौर का 1500 वर्ष पुराना 'शिव मन्दिर बीदियां वाला' शहरवासियों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहाँ नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित है और सच्चे मन से म ...और पढ़ें

नवांशहर के बलाचौर का 1500 साल पुराना 'शिव मन्दिर बीदियां वाला' (फोटो: जागरण)
संवाद सूत्र, बलाचौर। बलाचौर की पुरानी आबादी में स्थित लगभग 1500 वर्ष पुराना ''शिव मन्दिर बीदियां वाला'' शहरवासियों की अटूट आस्था का प्रमुख ऐतिहासिक केंद्र है। यह बलाचौर का सबसे प्राचीन मन्दिर है, जहां पवित्र ''नर्मदेश्वर शिवलिंग'' स्थापित है।
प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ भगवान शिव की आराधना करने पहुंचते हैं। इस ऐतिहासिक मन्दिर से जुड़ी यह गहरी मान्यता है कि यहाँ रात्रि के समय दीपक प्रज्वलित करने का विशेष विधान है और सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद जरूर पूरी होती है।
श्रावण मास में हो रही है विशेष पूजा
मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित दिनेश शर्मा, जो प्रतिदिन प्रातः और सायं काल की आरती व पूजा का कार्य संपन्न कराते हैं, ने बताया कि सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा कराई जा रही है। इसके लिए शिव भक्त अपने समय की सुविधानुसार परिवार सहित अभिषेक कराने पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बतायाकि प्रत्येक सोमवार को भी जलाभिषेक के लिए मन्दिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सावन मास के पवित्र अवसर पर मन्दिर में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
कमेटी द्वारा सुचारू प्रबंधन व त्योहारों का आयोजन
कमेटी के प्रधान रणदीप कौशल ने बताया कि मन्दिर की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है। मन्दिर का प्रबंधन और संपूर्ण व्यवस्था एक रजिस्टर्ड कमेटी की देखरेख में चल रही है।
मन्दिर प्रांगण में भगवान शिव के अतिरिक्त संकट मोचक हनुमान जी, संतोषी माता जी और मन्दिर के संस्थापक ''बीदियां वाले महाराज'' की मूर्तियां भी स्थापित हैं। साथ ही अन्य विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां भी यहां विराजमान हैं। मन्दिर परिसर में सभी हिन्दू त्योहार अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाए जाते हैं।