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    पंजाब के नवांशहर में बेरोजगारी भत्ता दिलाने का झांसा देकर खुलवाए बैंक खाते, फिर करने लगे साइबर फ्रॉड

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 01:40 PM (IST)

    नवांशहर पुलिस ने दो भाइयों, विक्रम सिंह और सौरव, के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर बेरोजगार और अनपढ़ युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिलाने का झांसा देकर उ ...और पढ़ें

    बेरोजगारी भत्ता दिलाने का झांसा देकर खुलवाए बैंक खाते, फिर अन्य लोगों से करने लगे ठगी।

    बेरोजगारी भत्ता दिलाने का झांसा देकर खुलवाए बैंक खाते, फिर अन्य लोगों से करने लगे ठगी।

    HighLights

    1. बेरोजगारों को भत्ता दिलाने का झांसा देकर ठगी की

    2. अनपढ़ों के बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड किया

    3. नवांशहर पुलिस ने दो भाइयों पर केस दर्ज किया

    संवाद सहयोगी, नवांशहर। बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिलाने का झांसा देकर उनके खाते खुलवाने और फिर उन खातों के जरिए अन्य लोगों से ठगी करने के आरोप में जिला पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह केस गांव बड़वा निवासी गुरप्रीत, हरप्रीत सिंह और महावीर की शिकायत पर थाना साइबर में गांव बड़वा के रहने वाले दो भाइयों विक्रम सिंह और सौरव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 310(4) और 420 के तहत दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गुरप्रीत, हरप्रीत सिंह और महावीर ने बताया कि वे तीनों अनपढ़ हैं। मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा करते हैं। उन्होंने बताया कि गांव के ही एक परिवार से संबंधित दो भाइयों विक्रम सिंह और सौरव ने उन्हें विश्वास में लेकर कहा कि केंद्र सरकार की ओर से बेरोजगार युवाओं के बैंक खातों में दो-दो हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता डाला जा रहा है।

    इसके लिए उन्हें बैंक खाता खुलवाना होगा। वे आरोपितों के झांसे में आ गए और उनके कहने पर नवांशहर के एक बैंक में अपने खाते खुलवा लिए। खाते खुलवाने के लिए तीनों के खाते में एक-एक हजार रुपये जमा करवाए गए, जो आरोपित भाइयों ने ही जमा करवाए थे। इसके बाद बैंक द्वारा जारी एटीएम कार्ड, पासबुक और वहां रजिस्टर्ड मोबाइल सिम भी आरोपितों ने यह कहकर अपने पास रख लिए कि भत्ता आने पर वे स्वयं जानकारी दे देंगे और उन्हें नकद भुगतान कर देंगे।

    हालांकि, इसके बाद न तो उन्हें कोई भत्ता मिला और न ही कोई जानकारी दी गई। अचानक एक दिन उन्हें जानकारी मिली कि उनके बैंक खातों के माध्यम से बहुत-से लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है। उनके बैंक खाते से लेन-देन का एक मामला केरल में दर्ज किया गया है। इसके बाद उन्होंने बैंक में संपर्क किया तो पता चला कि आरोपितों ने उनके नाम पर खोले गए खातों का इस्तेमाल अन्य लोगों से धोखाधड़ी करने के लिए किया।

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    आरोपितों के पास कई नकली मोबाइल सिम थे, जिनके माध्यम से वे अलग-अलग लोगों को फोन कर सरकारी योजना का झांसा देते थे। लोगों से उनके बैंक खातों में पैसे डलवाए जाते और बाद में ओटीपी हासिल कर रकम खुद ही निकाल ली जाती थी। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उन्हें बैंक खातों से हुए किसी भी लेनदेन की जानकारी नहीं है और उन्होंने कभी किसी के साथ धोखाधड़ी नहीं की। वे केवल बेरोजगारी भत्ता मिलने की उम्मीद में आरोपितों के कहने पर खाते खुलवा बैठे थे। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें इस मामले में न्याय दिलाया जाए।

    उधर, साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। खातों के लेन-देन का विवरण खंगाला जा रहा है तथा मोबाइल सिम और काल डिटेल्स की भी पड़ताल की जाएगी। फिल्हाल दोनों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।