पठानकोट में हड़ताल खत्म होते ही मैदान में उतरे बिजली कर्मचारी, उमस और बारिश के बीच बहाल कर रहे बिजली आपूर्ति
हड़ताल समाप्त होने के बाद पठानकोट में बिजली विभाग उमस और बारिश के बीच बिजली व्यवस्था सुधारने में जुटा है। कर्मचारी दिन-रात तकनीकी खराबियों को दूर कर र ...और पढ़ें
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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद अब अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में उतर आए हैं।
HighLights
हड़ताल खत्म होते ही बिजली विभाग ने मरम्मत कार्य संभाला
मानसून में पेड़ गिरने, तार टूटने से समस्या बढ़ी
विभाग की टीमें 24 घंटे फील्ड में सक्रिय हैं
संवाद सहयोगी, पठानकोट। एक सप्ताह से अधिक समय तक चली बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद अब अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में उतर आए हैं। उमस भरी गर्मी और लगातार बदलते मौसम के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। इसके बावजूद कर्मचारी दिन-रात विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर तकनीकी खराबियों को दूर करने और बाधित बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल करने में जुटे हैं।
मानसून के दौरान तेज हवा, बारिश और जलभराव से बिजली ढांचे पर सबसे अधिक असर पड़ता है। पेड़ों की जड़ें कमजोर होने से अक्सर बड़ी टहनियां लाइनों पर गिर जाती हैं, जिससे तार टूटने, फ्यूज उड़ने और फीडर ट्रिप होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
लगातार लोड अप-डाउन और नमी के कारण ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे तकनीकी खराबी और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है। कई बार बिजली के खंभों पर लगे इंसुलेटर और अन्य उपकरण भी खराब हो जाते हैं, जिन्हें तत्काल बदलना पड़ता है।
इन परिस्थितियों में विभाग की टीमें लगातार फील्ड में रहकर लाइनों की मरम्मत, पेड़ों की कटाई-छंटाई, ट्रांसफार्मरों की जांच और फाल्ट दूर करने का कार्य कर रही हैं। हड़ताल समाप्त होने के बाद लंबित शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
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सामान्य दिन की तुलना में शिकायतों की संख्या कई गुना
आनंदपुर फीडर की मेन लाइन पर कार्य कर रहे अधिकारी सुशांत ने बताया कि बरसात के मौसम में सामान्य दिनों की तुलना में शिकायतों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। कहीं पेड़ लाइन पर गिर जाता है तो कहीं तार टूट जाते हैं या ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ जाती है।
ऐसी प्रत्येक शिकायत पर विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट मोड पर कार्य कर रहे हैं।
न्यूनतम समय में बहाली है प्राथमिकता
एसडीओ नार्थ इंजीनियर जतिंदर शर्मा ने कहा कि हड़ताल समाप्त होने के बाद सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य में जुटे हैं। विभाग की प्राथमिकता है कि किसी भी क्षेत्र में बिजली बाधित होने पर न्यूनतम समय में आपूर्ति बहाल की जाए।
उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील की कि यदि कहीं बिजली के तार टूटे हुए दिखाई दें तो तुरंत विभाग के कंट्रोल रूम या संबंधित कार्यालय को सूचना दें, ताकि समय रहते मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।